श्रीनगर के हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए मकान मालिक अल्ताफ भट और किराएदार मुदासिर गुल के शव बृहस्पतिवार की रात परिजनों की मौजूदगी में दफना दिए गए। वहीं, हुर्रियत कांफ्रेंस की ओर से शुक्रवार को बंद के आह्वान के कारण श्रीनगर समेत घाटी के अन्य इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
श्रीनगर में ज्यादातर दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। पीएजीडी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। इस बीच मुठभेड़ में मारे गए रामबन निवासी आमिर मागरे का शव भी उसके परिजनों को सौंपे जाने की मांग अब तेज हो गई है।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, नेकां नेता रूहुल्लाह मेंहदी, श्रीनगर के मेयर अजीम मट्टू और माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने ट्विटर पर लिखा कि आमिर का शव भी उसके परिवार को सौंपा जाना चाहिए।
हफ्तेभर में सामने लाया आएगा हैदरपोरा मुठभेड़ का सच : एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हैदरपोरा मुठभेड़ मामले का सच हफ्तेभर में सबके सामने होगा। इसमें जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शहर के चांदनगर गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे एलजी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर हटकर विषय पर बोलने का नहीं है, लेकिन वह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि सरकार इन मामलों को लेकर गंभीर है। जम्मू-कश्मीर के नागरिक समाज समूह ग्रुप ऑफ कंसर्न्ड सिटीजंस (जीसीसी) ने हैदरपोरा मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच के बजाय न्यायिक जांच की मांग की है।