Suchetgarh Beating the Retreat Parade
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भारत माता की जय और जय हिंद के नारों की गूंज। उत्साह, जोश और देशभक्ति के जज्बे का प्रदर्शन। गांधी जयंती पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा सुचेतगढ़ (जम्मू) जीरो लाइन पर स्थित आक्ट्राय पोस्ट ऐतिहासिक पलों का गवाह बनी। देशभक्ति के जयघोषों के बीच वाघा बॉर्डर की तर्ज पर इस पोस्ट पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आगाज किया गया। बीएसएफ की 36वीं बटालियन की ओर से शुरू की गई इस रिट्रीट सेरेमनी में जवानों ने जोश दिखाया।
सेरेमनी में जवानों का हौसला बढ़ाने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री गिरिराज सिंह, बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) एनएस जम्वाल भी पहुंचे। बीटिंग द रिट्रीट के लिए आक्ट्राय पोस्ट को सजाया गया था। स्वागत गेट के साथ पूरी पोस्ट में रोशनी से सजावट की गई थी। जीरो लाइन पर पोस्ट के बीचोंबीच लहरा रहा तिरंगा भारत की शान के गौरव का प्रतीक था। बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में बीएसएफ के विभिन्न दस्तों ने कौशल और जांबाजी का शानदार प्रदर्शन किया।
इसमें कमांडों दस्ते ने दिखाया कि वे दुश्मन की हर चुनौती का जवाब देने को तैयार हैं। इसी तरह डॉग स्क्वायड दस्ते में प्रशिक्षित कुत्ते ने अपने प्रशिक्षक के निर्देशों पर अतिथियों को सलामी दी और कौशल का बेहतर प्रदर्शन किया। महिला दस्ते में बीएसएफ कर्मियों ने दिखाया कि वे हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर देश सेवा के लिए तत्पर हैं। एक अन्य दस्ते में जवानों ने हाथों की उंगलियों पर 303 बंदूक को घुमाकर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
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रिट्रीट सेरेमनी में जवानों के कदमों के तालमेल और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। सेरेमनी में कलाकारों ने डुग्गर संस्कृति की लोकनृत्य सहित अन्य प्रस्तुतियां दीं। सेरेमनी में बीएसएफ अधिकारियों, जवानों के परिवारवालों के अलावा स्कूली छात्राओं को आमंत्रित किया गया था। आखिर में राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ नीचे उतारा गया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ सेरेमनी का समापन हुआ। इस दौरान बीएसएफ की ओर हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई।