राष्ट्रपति ने शुक्रवार को लद्दाख में कारगिल के द्रास स्थित वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई को मौसम की खराबी के चलते द्रास नहीं पहुंच पाए थे। उन्हें कश्मीर संभाग से ही लौटना पड़ा था।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर व लद्दाख दौरे में दशहरा पर्व सैन्य जवानों के साथ मनाया। राष्ट्रपति ने शुक्रवार को लद्दाख में कारगिल के द्रास स्थित वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई को मौसम की खराबी के चलते द्रास नहीं पहुंच पाए थे। उन्हें कश्मीर संभाग से ही लौटना पड़ा था।
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इससे पूर्व शुक्रवार की सुबह राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में स्थित सेना की उत्तरी कमान मुख्यालय में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद राष्ट्रपति कारगिल के द्रास पहुंचे, जहां पर उप राज्यपाल आरके माथुर, स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद कारगिल के अध्यक्ष फिरोज खान समेत अन्य प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति की अगवानी की। राष्ट्रपति ने उधमपुर और लद्दाख में अपने कार्यक्रमों की तस्वीरें अपने ट्विटर हैंडल पर भी साझा कीं।
भारत माता की जय के नारों से गूंजा द्रास
दशहरा पर्व पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार जैसे ही द्रास वॉर मेमोरियल पहुंचे, जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। द्रास की पहाड़ियों तक यह जयघोष गूंजे। राष्ट्रपति ने जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। बाद में सैन्य बैंड ने देशभक्ति गीत की प्रस्तुतियां दीं।