आरएस पुरा। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा सीमावर्ती गांव चकरोई में शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल मुख्य अतिथि रहे। जिन्होंने विजयदशमी की मुबारकबाद दी। इस दौरान काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए और कार्यक्रम में भाग लिया।
कमेटी सदस्यों ने बताया कि महामारी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम छोटे स्तर पर आयोजित किया गया है। इस मौके पर सरपंच मनोहर लाल सहित गांव के कई लोग मौजूद रहे। कांग्रेस नेता मोहन सिंह चौधरी ने कहा कि एक और चकरोई में दशहरा पर्व मनाया गया, जबकि आरएस पुरा में प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। प्रशासन की यह दोहरी नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोरोना के चलते नहीं निकाली जा सकी झांकी
सांबा। विजयदशमी पर सांबा में काफी रौनक रहती थी। मंडी कैली के रघुवीर मेमोरियल क्लब व मंडी थलोरा के श्रीकृष्णा ड्रामेटिक क्लब की ओर से खूबसूरत झांकियां निकाली जाती थीं, दोनों क्लबों की ओर से झांकियों को कस्बा की मंडियों एवं बाजारों से होते हुए दशहरा मैदान पर ले जाया जाता था।
सनद रहे कि गत कई वर्षों से सांबा में एक ही स्थान पर दशहरा आयोजन किया जाता था। बाद में दोनों क्लबों की ओर से अलग-अलग आयोजन किया गया। कैली मंडी क्लब की ओर से लड़कों के सरकारी स्कूल मैदान पर दशहरा कार्यक्रम होता आ रहा है, जबकि मंडी थलोरा क्लब की ओर से कस्बे के रानी सुचेत सिंह स्टेडियम में दशहरा का आयोजन किया जाता है। कोरोना के दो वर्ष से न तो झांकी ही निकाली गई न ही दशहरा का आयोजन किया गया। अब अपनी-अपनी मंडी में ही क्लब के सदस्य रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले बना कर जलाए जा रहे हैं। आज भी दोनों स्थानों पर दशहरा का आयोजन किया गया।
बाली वध से लंका दहन का मंचन
रामगढ़। सीमावर्ती गांव केसो मनहासा और संवाखा कला में चल रही रामलीला में सीता की खोज, लंका दहन समेत दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला के सातवें दिन वीरवार की रात्रि कलाकारों ने बाली वध से लंका दहन तक का मंचन किया। जबकि शुक्रवार को रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को दहन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान जी की सुंदर झांकी से हुई, जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। कलाकारों ने दिखाया कि श्रीराम सुग्रीव को बाली से युद्ध के लिए भेजते हैं। रामजी के हाथों बाली मारा जाता है। लक्ष्मन जी को पंपापुर भेज कर सुग्रीव को राजा तथा अंगद को युवराज बनाया जाता है। सुग्रीव राज पाकर श्रीराम को भूल जाते हैं। हनुमान जी के स्मरण कराने पर सुग्रीव राम की शरण में जाते हैं। चारों दिशाओं में वानरों की सेना भेजी जाती है। अंगद हनुमान के साथ समुद्र तट पर पहुंचते हैं। हनुमान जी लंका जाते हैं, विभीषण से मुलाकात होती है। जो सीता जी का पता बताते हैं। हनुमान अशोक वाटिका पहुंचते हैं, और उसे तहस नहस करने लगते हैं, तब मेघनाथ उन्हें पकड़ कर रावण के पास ले जाता है, हनुमान की पूंछ में रावण के निर्देश पर आग लगा दी जाती है।
मुंह मीठा कराकर दी एक दूसरे को मुबारकबाद
विजयपुर। क्षेत्र में दशहरे पर बाजारों में काफी भीड़ देखी गई। इस मौके पर लोगों ने मिठाइयां खरीदीं और एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर मुबारकबाद दी।
इस दौरान रामलीला क्लब गढ़वाल, गगौर, गुड़ा सलाथिया आदि स्थानों में भी दशहरे धूमधाम से मनाया गया। रामलीला क्लब गुड़ा सलाथिया द्वारा दशहरे का आयोजन किया गया। गुड़ा सलाथिया तालाब में रावण, मेघनाथ, कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया और बुराई पर अच्छाई की जीत हुई। क्षेत्र के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और दशहरे का आनंद उठाया। गुड़ा सलाथिया के ग्रामीणों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी दशहरा धूमधाम से मनाया गया, जिसमें दर्शकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। बाद में रामलीला क्लब के कलाकारों को ग्रामीणों द्वारा सम्मानित भी किया गया।
अला गांव में किया गया रावण दहन
अरनिया। क्षेत्र में दशहरा को लेकर काफी रौनक रही। कई स्थानों पर राम लक्षण की झांकियां भी निकाली गईं।
आदर्श गांव अला में चल रही रामलीला का मंचन रावण वध के बाद प्रभु श्रीराम का राज्य अभिषेक के साथ संपन्न कर दिया गया। संवाद
अच्छाई से बुराई के अंत का जश्न मनाया
ज्यौड़ियां। पलांवाला क्षेत्र के एवर ग्रीन पब्लिक हाई स्कूल भगवान चक्क में विजयदशमी का उत्सव डाक्टर कर्ण सिंह के नेतृत्व में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्रभात सिंह मुख्य अतिथि रहे। डाक्टर कर्ण सिंह ने कहा कि इस त्योहार पर विजयदशमी, दशहरा, राम नवमी तथा दुर्गा पूजा कर अच्छाई से बुराई के अंत का जश्न मनाया है। यह धर्म की स्थापना और अधर्म के उन्मूलन का प्रतीक है। यह नई शुरुआत, समाज में नए और नए विचारों की स्थापना और हमारे अंदर रहने वाली नकारात्मकता और बुराई से मुक्ति का प्रतीक है।
इस मौके पर सुखदेव सिंह, डॉ. पुरुषोत्तम लाल, कैप्टन पुरुषोत्तम सिंह भाऊ, बलवान सिंह चिब, कैप्टन बलबीर सिंह, जोगिंदर सिंह, पूर्व सरपंच पल्लांवाला स्वर्ण सिंह भाऊ, नंबरदार शाम सिंह, शमशेर सिंह चिब, कौशल सिंह, सुमित सिंह, राम सिंह, शमशेर सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे। दशहरे के इस मौके पर उपस्थित लोगों ने शास्त्र पूजा की।
अखनूर में कोरोना के कारण नहीं हुआ पुतलों का दहन
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में इस बार दशहरा पर्व पर रावण का पुतलें दहन की रस्म अदा नहीं की गई। कोरोना महामारी से लगातार दूसरे साल भी पुतला दहन नहीं किया गया। श्रीरामलीला कमेटी के प्रधान ब्रिज पाल मेहता ने बताया कि कोरोना से प्रशासन द्वारा लगातार दूसरे साल भी दशहरा पर्व पर पुतला दहन करने की मंजूरी नहीं मिलने पर इस कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस वजह से क्षेत्र में पुतले दहन नहीं किए गए। संवाद
सेना ने एलओसी पर मनाया विजयदशमी भंडारा महोत्सव
ज्यौड़ियां। एलओसी पर तैनात सेना की तरफ से विजयदशमी पर सीमावर्ती बटल क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सेना की तरफ से सीमावर्ती बटल क्षेत्र के शिव आसन मंदिर तथा सरकारी मिडिल स्कूल बटल में स्थानीय लोगों के साथ पूजा अर्चना कर भंडारा लगाया।
इस मौके पर क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ सेना के जवानों तथा अधिकारियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन सेना की 61 आरआर शाखा की तरफ से किया गया। इस कार्यक्रम में सीमावर्ती गांव बटल, ढखर, जोगवां, सेरीपलाई आदि गांवों के लोगों ने बढ़ चढ़कर सहयोग दिया। इस मौके पर भाजयुमो के जिला महामंत्री सुरेश शर्मा, मास्टर यशपाल शर्मा, पंच अशोक कुमार, गारू राम, रोशन दास, कमल कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, अमन कुमार और अन्य लोगों का सेना की तरफ से बहुत बहुत आभार प्रकट किया। कमान अधिकारी मेजर राज कमल, सुबेरदार मेजर विजय सिंह, मेजर सुमन, पूर्व सरपंच रतन लाल सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे ।