जम्मू-कश्मीर के पोलिटैक्नीक कालेजों और जम्मू विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट प्रक्रिया ऑनलाइन मोड से जारी है। पिछले साल के बजाए इस साल प्रदेश के संस्थानों से पच्चास साठ छात्रों को प्लेसमेंट के जरिये रोजगार मिला है। संस्थानों ने कंपीनियों के साथ समझौता कर रखा है। पद खाली होते ही कंपनियां संस्थानों को सूचना दे रही है। उसी के अनुसार छात्र कंपनियों में आवेदन कर रहे हैं।
जम्मू विवि की एचआरएम विभाग की निदेशक प्रो. नीतू अंडोत्रा ने बताया कि प्लेसमेंट का सत्र अकटूबर से शुरू होगा। अंतिम सेमेस्टर पास करने वाले छात्रों का कंपनियां सक्षातकार लेंगी। जम्मू विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट प्लेसमेंट प्रो. विनय चौहान ने बताया कि विवि तकरीबन 22 कंपनियों के संपर्क में है।
वैकेंसी के अनुसार कंपनियां छात्रों का साक्षात लेती हैं। लेकिन कोरोना के चलते कंपनियों में कर्मचारियों की मांग कम हो गई है। कोरोना दर कम होते ही उद्यौगों आदि क्षेत्रों में काम खुल जाएंगे। योग्य कर्मचारियों की जरूरत बढ़ेगी। इसमें सभी छात्रों को रोजगार मिल जाएगा। कंपनियां समय -समय पर विवि को सूचना दे रही हैं।
सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और भाषाओं में हो सकती है प्लेसमेंट
प्रो. विनय चौहान ने बताया कि सामाजिक विज्ञान,विज्ञान और भाषाओं के छात्रों के लिए भी प्लेसमेंट का प्रावधान है। लेकिन संबंधित विभागों और छात्रों को प्लेसमेंट सैल से संपर्क की जरूरत है।
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राजकीय महिला पोलीटेक्नीक संस्थान की प्राचार्य नीलांजना मानवती ने बताया कि संस्थान छात्रों को कौशल विकास संबंधित अलग -अलग कोर्स करवा रहा है। कार्यशालाओँ का भी ऑनलाइन मोड से आयोजन किया जा रहा। इससे छात्रों को स्वरोजगार कमाने की जानकारी दी जा रही है। हाल ही में प्लेसमेंट कउंसलिंग के माध्यम से संस्थान के छह छात्राओं को मेडिकल लेब टैक्नालोजी में रोजगार भी प्राप्त हुआ है।
संस्थान में पढ़ाई करने वाली छात्राओं को सरकार प्रति वर्ष 50,000 रुपये छात्रवृत्ति दे रही है। उन्होंने बताया कि कंपनियों जरूरत के मुताबिक छात्रों को छात्रों का साक्षात लेकर उन्हें किसी भी समय रोजगार मुहैया करवाती है। संस्थान में 6 सितंबर के बजाए 25 सितंबर तक बढ़ी पहले सेमेस्टर में प्रवेश की तारीक बढ़ा ली गई है।