विभाग पद सृजन के बजाय समायोजन की नीति पर कर रहा काम। प्रदेश में 100 से अधिक स्कूलों को अपग्रेड किया है। इनमें शिक्षकों के नए पदों का सृजन करने के बजाय विभाग समायोजन की नीति पर काम कर है।
जम्मू-कश्मीर में पांच हजार के करीब शिक्षकों के पद खाली है। शिक्षा विभाग नए पदों के सृजन के बजाय समायोजन की नीति अपना रही है। इसका असर स्कूलों पर देखने को मिल रहा है। वर्ष 2014 के बाद डीपीसी न होने से नए पदों का सृजन नहीं हो पा रहा है। प्रदेश में 100 से अधिक स्कूलों को अपग्रेड किया है। इनमें शिक्षकों के नए पदों का सृजन करने के बजाय विभाग समायोजन की नीति पर काम कर है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जम्मू-कश्मीर के महासचिव रतन शर्मा ने बताया कि डीपीसी नहीं होने से पदों का सृजन कैसे होगा पता नहीं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। वहीं राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 34 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों से संवाद करेंगे।
श्रीनगर में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में उपराज्यपाल मौजूद रहेंगे। इसमें कश्मीर संभाग से 10 और जम्मू संभाग से 24 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक भाग लेंगे। जम्मू संभाग के शिक्षक वर्चुअल मोड़ से कार्यक्रम में जुड़ेंगे। गांधीनगर टीचर भवन में कार्यक्रम होगा। इसमें नई शिक्षा नीति पर चर्चा होगी।