डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि मुबारक मंडी डोगरा शौर्य का गौरवशाली इतिहास है, जिसमें होटल जैसेे व्यावसायिक गतिविधियां उचित नहीं होंगी।
डोगरा शौर्य के प्रतीक ऐतिहासिक मुबारक मंडी में होटल बनाने के सरकार के प्रस्ताव का शहरवासी ही विरोध कर रहे हैं। शहर से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रमुख नागरिकों ने इस फैसले के विरोध में एलजी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन सरकार से मुबारक मंडी हैरिटेज सोसायटी द्वारा 2016 में बनाए मास्टर प्लान के तहत ही जीर्णोद्धार करने की मांग कर रहे हैं।
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डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि हम 30 वर्षों से मुबारक मंडी के संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब जब संरक्षण के लिए पर्याप्त राशि है, तो सरकार मुबारक मंडी को होटल बनाने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि संरक्षित स्मारक में किसी प्रकार की कामर्शियल गतिविधियां नहीं हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि 2016 में मुबारक मंडी हैरिटेज सोसायटी ने इसके संरक्षण के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया था। उसमें कैफेटेरिया का प्रस्ताव था, जो ठीक है, लेकिन अब मुबारक मंडी में होटल बनाना उचित नहीं है। मुबारक मंडी डोगरा शौर्य का गौरवशाली इतिहास है, जिसमें होटल जैसेे व्यावसायिक गतिविधियां उचित नहीं होंगी।
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रानी के कमरे का पीपीपी मोड पर होगा संरक्षण
मुबारक मंडी में रानी के कमरे का पीपीपी मोड पर संरक्षण किया जाएगा। इनमें निजी कंपनियों की भागीदारी के साथ इसका संरक्षण होगा, जिसके बाद निजी कंपनियां इसका व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगी। इसमें हैरिटेज होटल, म्यूजियम, रेस्टोरेंट बनाया जाएगा।