कोरोना संक्रमण की दर घटने पर अब प्रदेश सरकार कॉलेज और विश्वविद्यालय खोलने की तैयारी कर रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संक्रमण दर कम है। अब उच्च शिक्षा संस्थान चरणवार खोलने की तैयारी की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग कॉलेज-विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाने में प्राथमिकता दे। शनिवार को कोविड टास्क फोर्स की बैठक में जिला स्तर पर हालात की समीक्षा के दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि कोविड उपयुक्त आचरण न करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
एलजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को लेकर तैयारी में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने अधिकतम टीकाकरण, कवरेज, परीक्षण, माइक्रो कंटेनमेंट जोन (एमसीजेड) प्रावधानों पर सख्ती से कार्यान्वयन पर जोर दिया। एलजी ने कहा कि भारत सरकार ने 6.5 लाख खुराक देने पर सहमति जताई थी लेकिन प्रदेश को 16 लाख से अधिक कोविड खुराक (वैक्सीन डोज) प्रदान की गई है। यह केंद्र की गंभीरता को दर्शाता है।
यह भी पढ़ें- अभियान: ग्रीन जम्मू-कश्मीर जनांदोलन की होगी शुरुआत, प्रदेश के दो तिहाई भौगोलिक क्षेत्र को वन और वृक्षों से जोड़ा जाएगा
इससे अगस्त तक 60 फीसदी आबादी को कवर करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। 45 से अधिक आयु वर्ग में 99 फीसदी से ऊपर टीकाकरण हो चुका है और वर्तमान में पॉजिटिविटी दर 0.2 फीसदी तक गिर गई है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जिला वार कोविड स्थिति और प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी।