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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में नाइट्रोजन गैस संयंत्रों के नवीनीकरण की मांग, स्थानीय उत्पादन को बढ़ाने में मिलेगी सहायता

Tue, 03 Aug 2021 08:36 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

पशुधन बोर्ड की 32वीं बैठक का आयोजन, हर स्टेशन में दस प्रतिशत एलएनजी हो आरक्षित।
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शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रदेश के दोनों संभागों में लिक्फाइड नाइट्रोजन गैस संयंत्र का नवीनीकरण और उन्नयन किया जाए। इससे स्थानीय उत्पादन को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। यह जानकारी पशु और भेड़ पालन विभाग के प्रमुख सचिव नवीन कुमार चौधरी ने अधिकारियों को बैठक में दी। पशुधन बोर्ड की 32वीं राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) की बैठक में कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम दस प्रतिशत एलएनजी आरक्षित की जाए, पुराने एलएनजी संयंत्रों का जीर्णोद्धार किया जाए।

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इसके अलावा यहां एलएनजी की मांग और उत्पादन का अध्ययन करने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों के सदस्यों के साथ एक समिति गठित की जाए। गर्भाधान के लिए सीमन की संभावनाओं को तलाशने को कहा। लोगों को इसके लिए दूर-दूर तक न जाना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा लागत दर के आधार पर ही सेवा उपलब्ध करवाई जाए। पशुधन मेलों का आयोजन नियमित किया जाए। इससे पशुपालकों को लाभ मिल सकेगा। बैठक में गाय की नई प्रजातियों को लाने के लिए अनुसंधान परियोजनाओं को शुरू करने का निर्णय लिया गया।

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डेयरी फार्मों की आर्थिक स्थिति का अध्ययन करें
पिछले 5 वर्षों के दौरान स्थापित बड़े डेयरी फार्मों की व्यवहार्यता और आर्थिक स्थिति का भी बेहतर नियोजन और नीति निर्माण के लिए अध्ययन किया जाए। विश्वविद्यालयों को भी विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के सादृश्य पर 5-6 सप्ताह की अवधि के अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए जाए।
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उन्हें पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए अनिवार्य क्षेत्र प्रशिक्षण शुरू करने के अलावा छुट्टियों के दौरान क्षेत्र सर्वेक्षण के लिए छात्रों को भेजने के लिए प्रोत्साहित जाए। बताया गया कि पिछले वर्ष 8.5 लाख से अधिक कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं। इस वर्ष विभाग के लिए 13 लाख एआई का आकांक्षात्मक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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