जम्मू-कश्मीर में पहली बार कोरोना जांच में लापरवाही बरतने पर चिकित्सक को निलंबित कर दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा बीएमओ से जवाब तलब किया गया है। चार दिन पहले 27 सितंबर को थन्नामंडी के निजी स्कूल में रैपिड एंटीजन टेस्ट के दौरान 32 छात्रों को कोरोना संक्रमित घोषित कर दिया गया था।
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इसके बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। 28 सितंबर को जब सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया तो सभी निगेटिव पाए गए। उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दंत चिकित्सक एवं कोरोना नोडल प्रभारी थन्नामंडी डॉ. शबाब अहमद को निलंबित कर एडीसी कार्यालय कोटरंका अटैच कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की चूक मानते हुए बीएमओ दरहाल को तीन दिन में जवाब देने को कहा है। सरकार ने दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं शुरू करवाने के लिए छात्रों का टीकाकरण अनिवार्य किया गया है। इसमें टीका नहीं लगवाने वालों को निगेटिव का प्रमाण पत्र दिखाना था। इसलिए निजी स्कूल में छात्रों की जांच की गई थी।
अभिभावकों में कड़ा रोष
पहले संक्रमित और अब निगेटिव पाए गए बच्चों के अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन, प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी है। उनका कहना है कि जांच में इस तरह लापरवाही होगी तो बच्चों में इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।