पीडीपी नेता वाहिद उर रहमान पारा ने राष्ट्रपति शासन की समाप्ति को लोकतंत्र की बहाली का स्वागत करते हुए कहा कि कश्मीर के लोग स्टेटहुड की विशेष दर्जे और अनुच्छेद 370 की पुनर्स्थापना के लिए वोट किए है और इस चुनाव से उनकी बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।
जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को समाप्त किए जाने पर पीडीपी नेता वाहिद उर रहमान पारा ने इसे एक स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा, यह एक सकारात्मक विकास है कि जम्मू और कश्मीर में लोकतंत्र बहाल हुआ है। छह साल के बाद, लोग अपने सरकार और संसाधनों पर कब्जा लेने में सक्षम हुए हैं।
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वाहिद ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने अपनी पहचान की रक्षा, स्टेटहुड की बहाली और जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे की पुनर्स्थापना के लिए मतदान किया है। उन्होंने कहा, लोगों ने गरिमा के लिए वोट दिया है। हम सभी उम्मीद करते हैं कि यह कदम उस प्रक्रिया की ओर ले जाएगा, जिससे हम अपनी खोई हुई चीजों को वापस प्राप्त कर सकें।
पीडीपी नेता ने आगे कहा कि इस चुनाव से लोगों की बहुत सारी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं और अधिकारों की लड़ाई है। लोग अपने प्रतिनिधियों से यह अपेक्षा कर रहे हैं कि वे उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाएं और उनकी समस्याओं का समाधान करें।
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वाहिद उर रहमान परा ने कहा कि यह चुनाव एक अवसर है, जिसमें लोग अपनी आवाज उठा सकते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे मतदान के अधिकार का उपयोग करें और अपनी सरकार का चयन करें, ताकि जम्मू और कश्मीर का विकास हो सके और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर सके।