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सीमा पर ईद: तीन साल बाद भारत-पाकिस्तान के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान, आपसी विश्वास बढ़ाने का है उपाय

Thu, 13 May 2021 05:44 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

ईद-उल-फितर के मौके पर सीमा पर खुशी का माहौल देखने को मिला। भारतीय सेना और पाकिस्तानी सेना एक दूसरे को मिठाई देकर ईद-उल-फितर का पर्व मनाया।
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भारत-पाकिस्तान के बीच मिठाई का आदान-प्रदान - फोटो : भारतीय सेना
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विस्तार
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भारत-पाकिस्तान में सीजफायर समझौते के बीच तीन साल बाद एलओसी पर दोनों देशों के बीच ईद पर मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ। मिठाइयों के साथ ही दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी सहयोग और विश्वास को बढ़ावा देने की उम्मीद जताई। 16 जून 2018 को ईद पर पाकिस्तान द्वारा जम्मू के नौशेरा सेक्टर में गोलाबारी की गई थी जिसमें राइफलमैन विकास गुरुंग शहीद हुए थे। इसके बाद लगभग हर क्रासिंग प्वाइंट पर मिठाइयों का आदान-प्रदान रद्द हो गया था। 

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सीमा पर छाई शांति के बीच गुरुवार को ईद-उल-फितर के मौके पर पुंछ जिले में एलओसी के पुंछ-रावलाकोट क्रासिंग प्वाइंट पर भारत-पाकिस्तान सेना ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाइयों का भी आदान-प्रदान किया। वहीं, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में कमान अमन सेतु क्रासिंग प्वाइंट और कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में टीटवाल क्रासिंग प्वाइंट पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दूसरे को ईद के पावन अवसर पर मिठाइयां बांटी। 

आपसी विश्वास बढ़ाने का है उपाय
फरवरी में भारत-पाक के बीच डीजीएमओ स्तर पर एक बार फिर से हुए युद्धविराम के समझौते के बाद पैदा हुए शांतिपूर्वक माहौल के बीच पहली बार आपस में मिठाइयां बांटी गई। इसके अलावा कई बार भारत द्वारा पाकिस्तान के भटके हुए युवाओं को भी टीटवाल क्रासिंग प्वाइंट के जरिये वापस भी भेजा गया। इसे दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए संघर्ष विराम की पृष्ठभूमि में आपसी विश्वास बढ़ाने के उपायों के रूप में देखा जा रहा है। 
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वर्ष 2018 से बंद था मिठाइयों का आदान-प्रदान
भारत और पाकिस्तान के बीच ईद, होली, दिवाली और संबंधित राष्ट्रीय दिवस जैसे प्रमुख त्योहारों पर एलओसी पर मिठाइयों के आदान-प्रदान की परंपरा कई वर्षों से जारी है। लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर उल्लंघन किए जाने के चलते 2018 में यह परंपरा रोक दी गई थी।
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