सैयद अली शाह गिलानी (फाइल फोटो)
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अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी की मौत के बाद हुर्रियत कांफ्रेंस ने अपने नए अध्यक्ष के नाम का एलान कर दिया है। हुर्रियत ने अध्यक्ष की कुर्सी पर गिलानी का दाहिना हाथ और सबसे करीबी मसर्रत आलम को बैठाने का निर्णय लिया है। हालांकि मसर्रत आलम अभी जेल में है। हुर्रियत कांफ्रेंस ने कहा कि मोहम्मद अशरफ सेहराई के बाद गिलानी के निधन से ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस को एक अपूरणीय क्षति हुई है। हुर्रियत कांफ्रेंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के लोग हुर्रियत नेतृत्व की ओर देख रहे हैं और उन्हें बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि हुर्रियत का ये दावा खुद को बहलाने के लिए ही है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में अब अलगाववाद के दिन लद चुके हैं।