जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने सीमा पार से होने वाली गोलाबारी और बारूदी सुरंग धमाकों से नुकसान का सभी प्रभावितों को एक समान मुआवजे संबंधी जवाब मांगा है। एक याचिका में कोर्ट ने गृह मत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार से मंतव्य मांगा है। इस पर अगली सुनवाई 14 फरवरी 2022 को होगी। याचिका में सभी प्रभावितों के एक समान सामान के नुकसान के तौर पर 10 लाख रुपये का भुगतान करने की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोहन लाल की खंडपीठ ने उड़ी फाउंडेशन की ओर से दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि वह अधिकारियों को उड़ी सब डिवीजन में सामुदायिक बंकरों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए भी निर्देश जारी करे।
याचिका में कहा गया कि गोलाबारी और बारूदी सुरंगों के धमाकों से होने वाली त्रासदी को सरकारी अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान देने की तत्काल जरूरत है।