आतंकियों ने सीमा पर घुसपैठ करने के लिए अपनी रणनीति बदल दी है। अब तक घुसपैठ करने के लिए दोनों तरफ गाइडों का इस्तेमाल करने वाले आतंकियों ने अब इनकी जगह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
अब जीपीएस ही आतंकियों का नया गाइड बन गया है। पिछले दो महीनों के भीतर उत्तर कश्मीर से 20 आतंकियों ने जीपीएस की मदद से घुसपैठ की है। पंजाब के गुरदासपुर, दीनानगर और उधमपुर में हमला करने वाले आतंकियों ने भी जीपीएस की मदद से घुसपैठ की।
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले आतंकी घुसपैठ करने के लिए गाइड के सिग्नल का इंतजार करते थे। गाइड इनको रोड मैप बताते थे, लेकिन अब आतंकी जीपीएस के माध्यम से रोड मैप देखकर गाइडों के बिना ही घुसपैठ कर लेते हैं।