राज्यपाल एनएन वोहरा ने केंद्रीय पंचायत राज मंत्री चौधरी बिरेंद्र सिंह से रियासत का लंबित पेंशन फंड जल्द जारी करने का आग्रह किया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास के तहत राष्ट्रीय सामाजिक मदद योजना में बुजुर्ग, विधवा और विकलांग पेंशन योजनाएं आती हैं। केंद्र प्रायोजित इन योजनाओं में राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक लाभार्थी को 200 रुपये का योगदान दिया जाता है।
राज्यपाल ने केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में 80 साल से ज्यादा उम्र वाले 20,510 केस और 60 से 79 साल वाले 50,924 लंबित केसों को भी इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड ऐज पेंशन स्कीम में शामिल करने का आग्रह किया।
इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना के 2,366 और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 3,923 केस लंबित हैं। कुल 77,723 लंबित केसों के लिए वार्षिक 2,679.19 करोड़ रुपये के वित्तीय योगदान की जरूरत है।
राज्यपाल ने केंद्रीय मंत्री को लिखा है कि नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीम के तहत 11,123 केस अनुमोदन के इंतजार में हैं। उसे भी मंजूरी प्रदान की जाए। इस स्कीम के तहत बीपीएल परिवार को एकमुश्त 20 हजार रुपये की मदद दी जाती है। राज्यपाल ने केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर लंबे समय से लंबित फंड को मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है।