रियासत में बाढ़ राहत पैकेज से लोगों में नाराजगी और बिहार चुनाव के नतीजों को भांपते हुए विपक्षी दलों ने रियासत की गठबंधन सरकार पर स्थानीय निकाय चुनाव के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
विपक्षी दलों को उम्मीद है कि जनता का रुख का उसे फायदा मिल सकता है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने एजेंडा आफ अलायंस में स्थानीय निकाय चुनाव करवाने की बात कही थी। सरकार के आठ महीने बीतने के बावजूद चुनाव करवाने की कोई घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पंचायती चुनाव भी होने चाहिए और थ्री टायर पंचायती राज सिस्टम रियासत में लागू होना चाहिए। पैंथर्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनाव पिछले पांच साल से लटके हैं।
इस वजह से केंद्रीय मदद से रियासत को वंचित रहना पड़ रहा है। रियासती सरकार को जल्द से जल्द शहरी स्थानीय निकाय चुनाव करवाने चाहिए। इससे रियासती सरकार की जनता में साख का भी पता चल जाएगा और शहरी निकाय जैसी लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूती मिलेगी।
सत्तापक्ष की तरफ से पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता महबूब बेग का कहना है कि पीडीपी चाहती है कि चुनाव जल्द हों ताकि करोड़ों रुपये की केंद्रीय मदद भी जमीनी स्तर से जुड़ी संस्थाओं को मिलती रहे। हालांकि, कई बार हालात के चलते चुनाव करवाने में विलंब भी हो जाता है।