सीमा पार से लगातार गोलाबारी के बाद जीएमसी में घायलों का पहुंचना जारी है। अस्पताल में घायलों के साथ बड़ी संख्या में तीमारदारों और अन्य दूसरे लोगों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल है। अस्पताल का डिजास्टर वार्ड घायलों से पूरी तरह से पैक हो गया है।
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अगले कुछ दिनों में भी हालात के और खराब होने की संभावना से अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए ओल्ड इमरजेंसी सहित कई अन्य वार्डों को तैयार किया गया है। आपात स्थिति में डिजास्टर प्लान लागू कर दिया जाएगा।
अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। घायलों को सभी चिकित्सा सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हैं।
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अस्पताल में लगातार बढ़ रही घायलों की तादाद
जीएमसी के डिजास्टर वार्ड, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य यूनिटों में पिछले दो दिन में पाक गोलाबारी से घायल होकर 36 लोग पहुंच चुके हैं। इनमें कई की हालत गंभीर है। कई घायलों के आपरेशन किए गए हैं। घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी में अतिरिक्त बंदोबस्त किए गए हैं।
इसमें अतिरिक्त स्टाफ के साथ दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं। डिजास्टर वार्ड के घायलों से पैक होने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर ओल्ड इमरजेंसी वार्ड, सर्जरी का 11 नंबर वार्ड, नेत्र यूनिट का वार्ड रिजर्व रखा गया है। यह इंतजाम इसलिए किए गए हैं कि अगर इस दौरान दूसरा कोई बड़ा हादसा भी होता है तो घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा के बाद इन वार्डों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
पिछले दो दिन से डिजास्टर वार्ड सहित इमरजेंसी में दर्जनों घायलों के पहुंचने से अफरा-तफरी जैसा माहौल है। घायलों का हालचाल जानने बड़ी संख्या में रिश्तेदार और अन्य दूसरे लोग पहुंच रहे हैं। सियासी नेताओं की आवाजाही बढ़ी है।
चिकित्सकों के नहीं पहुंचने से घायलों में रोष
अरनियां सेक्टर में गोलाबारी के शिकार घायलों में सरकार, प्रशासन और अस्पताल प्रबंध के खिलाफ काफी रोष है। उनका कहना है कि कई-कई घंटों तक डाक्टर घायलों का हालचाल जानने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।
घायलों के रिश्तेदारों तथा परिवार के लोगों ने प्रशासन से इलाज में बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग की है, ताकि घायलों की सेहत में जल्द से जल्द सुधार हो सके। प्रशासन की ओर से घायलों और उनके परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन घायलों को उचित सुविधाएं नहीं मिल रही है।
उनकी पीड़ा के आगे जीएमसी की व्यवस्था खस्ता लगती है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि घायलों की हालत खराब है, लेकिन डाक्टर कई-कई घंटों तक नहीं आ रहे हैं। इस वजह से उनका रोष बढ़ रहा है। रिश्तेदार और घायलों में शामिल छोटे-छोटे बच्चे भी इलाज के लिए डाक्टरों की राह देख रहे हैं। कुछ लोग तो उनकी गंभीर हालत देख बस रोये जा रहे थे।
अरनिया सेक्टर में जारी पाक फायरिंग में सात लोग घायल हो गए, जिन्हें जीएमसी लाया गया है। सभी को कुछ घंटे तक इमरजेंसी में रखने के बाद वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया। अधिकतर लोग अभी तक डाक्टरों की निगरानी में है।
करीब एक दर्जन घायल अभी तक जीएमसी की डिजास्टर वार्ड में है, जिनकी हालत में सुधार तो है लेकिन मानसिक तनाव से वे अभी तक बाहर नहीं आ सके हैं। परिवार के बाकी लोगों की चिंता उन्हें लगातार सता रही है।
लगातार जारी फायरिंग में मंगलवार को भी कई लोग घायल हुए। इनमें से अधिकतर अरनिया और त्रेवा गांव के लोग शामिल हैं। अरनिया वार्ड-13 निवासी श्याम लाल सैनी (60), पंकज (22), वार्ड 9 निवासी द्वारका नाथ, वार्ड -5 निवासी किरण बाला, त्रेवा निवासी ज्ञान चंद, शम्मी देवी और हनी सिंह (62) शामिल हैं। किरण बाला के आंख बुरी तरह से जख्मी हुई है।
वहीं अखनूर के परगवाल सेक्टर में सोमवार देर रात हुई फायरिंग में एक युवती सहित तीन लोग घायल हो गए। जिनमें गड़खाल निवासी द्वारिका नाथ और दोहरा गांव निवासी प्रवीण कुमार और उसकी बहन पम्मी देवी शामिल हैं। इसके अलावा गांव गड़खाल में गोलाबारी में मवेशी भी हताहत हुए हैं।