दिल्ली सहित अन्य राज्यों में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद रियासत में सतर्कता बढ़ाई गई है। देश के कई राज्यों में ताजा मामलों को देखते हुए संभाग स्तर पर जीएमसी के चोपड़ा नर्सिंग होम में खास इंतजाम किए गए हैं।
यहां आइसोलेट यूनिट स्थापित करके स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से दवाइयां और पर्सनल प्रोटक्शन किट मुहैया करवाई गई हैं। इस साल अब तक दो संदिग्ध मामलों के सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य निदेशक डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार स्वाइन फ्लू को लेकर सभी एहतियात बरते जा रहे हैं।
स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की ओर से संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने के लिए जीएमसी प्रशासन को पचास पर्सनल प्रोटेक्शन किट दी गई है। टैमी फ्लू की टैबलेट उपलब्ध करवाई। गत तीस जनवरी को दो साल के संदिग्ध बच्चे और दो फरवरी एक व्यक्ति के सैंपल दिल्ली टेस्ट के लिए भेजे गए, लेकिन दोनों ही मामलों में रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी के दिसंबर 2009 को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। इस चालीस वर्षीय संदिग्ध पुरुष मरीज को निमोनिया की शिकायत पर जीएमसी में भर्ती कराया गया था। इससे पूर्व सोरा, श्रीनगर में एक महिला मौत की भी इस वायरस की चपेट में आने से जान चली गई थी।
उस समय जम्मू संभाग में 60 से ज्यादा लोग स्वाइन प्लू से पाजिटिव पाए गए थे। जिन्हें तत्काल इलाज दिया गया। राज्य में रोजाना एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य यात्री वाहनों से हजारों लोगों की आवाजाही होती है। इसमें किसी पीड़ित के संपर्क में रहने से इस फ्लू के दूसरे में पहुंचने की आशंका ज्यादा रहती है।
संदिग्ध पीड़ितों के खून और थूक के नमूने जांच के लिए दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ कम्युनिकेवल डिसीज में भेजे जाते हैं। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम में वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।