जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पिछले तीन दशक से जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने और लोगों की हत्याएं करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाते रहे हैं। आतंकवाद के दौरान बम धमाके, ओपन किलिंग और अब छोटे हथियार से टारगेट किलिंग की जा रही है।
आतंकवादियों से निपटने के लिए सख्ती की जरूरत है। आजाद कश्मीर दौरे के बाद बुधवार को जम्मू के दौरे पर पहुंचे। पत्रकारों से औनपचरिक बातचीत में आजाद ने कहा कि कश्मीर के दस और जम्मू संभाग के रामबन जिले से बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडलों ने उनके मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है।
टारगेट किलिंग की पूरे कश्मीर में निंदा हो रही है। कश्मीर ऐसी हत्याओं के खिलाफ है। आतंकियों के खिलाफ सख्त नीतियों के तहत कार्रवाई को अंजाम देने की जरूरत है। आतंकियों पर नकेल कसकर उनके हथकंडों के बारे में जानने की कोशिश की जानी चाहिए। आजाद का अगले दो दिन जम्मू में रहना प्रस्तावित है।
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इस दौरान वह एक व्यक्तिगत कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह पार्टी नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। बुधवार को एयरपोर्ट जम्मू में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेश साहनी सहित अन्य नेताओं ने आजाद का स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस का एक धड़ा आजाद का समर्थक रहा है। आजाद के साथ एआईसीसी जम्मू कश्मीर की प्रभारी व सांसद रजनी पाटिल भी जम्मू के दौरे पर हैं।