जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के विस्तारीकरण के लिए भूवैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया हाईवे को फोरलेन करने से पहले भूवैज्ञानिकों के सुझाव लेगी। नेशनल हाईवे को हर साल पस्सियों की चुनौती का सामना करना पड़ता है।
खासकर, उधमपुर और रामबन जिले में बारिश और भूस्खलन से कब यातायात ठप हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। इस पर्वतीय इलाके में हाईवे विस्तारीकरण के लिए पहाड़ों को काटने की मजबूरी परेशानी को बढ़ाने का काम कर रही है।
जम्मू से उधमपुर तक हाईवे विस्तारीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अब उधमपुर से श्रीनगर तक के विस्तारीकरण बाकी है।