पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद उत्पन्न हुई राजनीतिक अस्थिरता जस की तस बनी हुई है। पीडीपी ने फिलहाल सरकार गठन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
पीडीपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक महबूबा भाजपा नेतृत्व से नाराज हैं। माना जा रहा है कि मुफ्ती मोहम्मद सईद को उचित सम्मान न दिया जाना महबूबा की नाराजगी का प्रमुख कारण है।
इसके साथ ही एजेंडा आफ एलायंस को पूरी तरह लागू नहीं किए जाने पर भी पीडीपी में भाजपा के प्रति नाराजगी है। इसी के चलते वीरवार को केंद्रीय वित्त आयुक्त आरपी वातल भी महबूबा से मिलने श्रीनगर पहुंचे थे।
नईम बोले, पीडीपी अध्यक्ष की अभी वरिष्ठ नेताओं से नहीं हुई चर्चा
पीडीपी की ओर से कहा जा रहा है कि वातल के श्रीनगर आने का मकसद केवल मुफ्ती के निधन पर शोक जताना था। पर इस बात की भी चर्चा है कि वातल ने महबूबा को केंद्र की ओर से रियासत के विकास के लिए की गई मदद और भविष्य की योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।
शुक्रवार को बिजबिहाड़ा में मुफ्ती मोहममद सईद की कब्र पर नमाज- ए- फातिहा के बाद सरकार गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर पीडीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री नईम अख्तर का कहना था कि इस बारे में फिलहाल पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन और सरकार गठन पर फिलहाल पार्टी अध्यक्ष को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं (मुजफ्फर हुसैन बेग और दिलावर मीर) और अपने सहयोगियों से चर्चा करना बाकी है।
पार्टी नेताओं से चर्चा के बाद ही बनेगी आगे की रणनीति
नईम अख्तर ने कहा कि फिलहाल महबूबा मुफ्ती ने विधायक दल की बैठक भी नहीं बुलाई है। पार्टी नेताओं से चर्चा और बैठक के बाद ही भावी नीति पर कुछ कहा जा सकेगा।
नई सरकार के गठन के लिए समय सीमा निर्धारित किए जाने से भी उन्होंने इनकार किया। इससे नई सरकार के बनने में अभी विलंब होता दिख रहा है।
पीडीपी के कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि अब मुफ्ती साहब हमारे बीच नहीं रहे इसलिए अब हमें साथ मिलकर उनके विजन को आगे बढ़ाना होगा।