कुपवाड़ा जिले के नादेरनाग अवूरा में रविवार को एक बड़े पत्थर के नीचे छिपाए गए चार विस्फोटक उपकरण(आईईडी) बरामद किए गए। जिसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। साथ ही तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।
बता दें कि खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस और सेना की 41 आरआर ने इलाके में अभियान शुरू किया था। इसी दौरान एक पत्थर के नीचे चार आईईडी(इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किए गए।
आतंकियों को सता रहा है मौत का खौफ
जीरो टॉलरेंस की नीति, सटीक सूचना, स्थानीय लोगों की सतर्कता और सुरक्षाबलों के बीच बेहतर तालमेल के चलते आतंकवाद के खिलाफ कामयाबी मिल रही है। यही वजह है कि आतंकियों को मौत का डर सता रहा है। आतंकी अब संगठन के पोस्टर ब्वॉय बनने से कतराते हैं। सोशल मीडिया पर पहले की तरह आतंकियों की सक्रियता नहीं दिखती है।
बांदीपोरा जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में अभी तक तीन आतंकी मारे जा चुके हैं। इसमें आतंकी शाकिर अल्ताफ बाबा भी शामिल है। वह 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान गया था। शाकिर अल्ताफ बाबा के मारे जाने की पुष्टि कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने की है।
जानकारी के अनुसार शनिवार तड़के पुलिस को जिले के सुमलर इलाके के शोकबाबा जंगल क्षेत्र में आतंकियों के एक बड़े दल के मूवमेंट का इनपुट मिला। इसके आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना की 13 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और सेना की एलीट पैरा फोर्स मार्कोस के जवानों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
जंगल क्षेत्र होने के कारण सुरक्षाबलों ने पूरी सतर्कता के साथ तलाशी अभियान शुरू किया। इसबीच एक ठिकाने पर में छुपे आतंकियों ने सुरक्षबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मुहतोड़ जवाब दिया। सूत्रों के अनुसार यह पांच आतंकियों का एक ग्रुप था, बताया जा रहा है कि इस ग्रुप में एक स्थानीय और अन्य चार पाकिस्तानी आतंकी हैं जो लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।