मानसून के निर्धारित समय से आगे खिंचने के कारण अक्तूबर में भी इंद्रदेव मेहरबान रहेंगे। इसका ज्यादा असर जम्मू संभाग में दिखेगा। वहीं जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35-ए की समाप्ति के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत चार दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे। साथ ही इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज के तहत लगे अनुबंध सैकड़ों पैरा मेडिकल कर्मियों ने बुधवार की रात जीएमसी में जोरदार प्रदर्शन किया।
मानसून के निर्धारित समय से आगे खिंचने के कारण अक्तूबर में भी इंद्रदेव मेहरबान रहेंगे। इसका ज्यादा असर जम्मू संभाग में दिखेगा। मानसून के आखिरी पड़ाव के बीच मौसम में लगातार बदलाव आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के अधिकांश जिलों में रात में अब ठंड होने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार एक से तीन अक्तूबर को जम्मू और कश्मीर संभाग के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35-ए की समाप्ति के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत चार दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे। जम्मू एयरपोर्ट पर उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भागवत 3 अक्तूबर तक जम्मू में रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज के तहत लगे अनुबंध सैकड़ों पैरा मेडिकल कर्मियों ने बुधवार की रात जीएमसी में जोरदार प्रदर्शन किया। केंद्र के उक्त पैकेज के तहत जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में करीब 600 अनुबंधित पैरा मेडिकल कर्मियों की सेवाएं 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। इन सेवाओं का विस्तारीकरण न किए जाने के विरोध में विफरे कर्मियोंने बुधवार रात को कामकाज बंद कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने झील और जलमार्ग विकास प्राधिकरण (लवाडा) से कहा है कि वह डल झील और उसके आसपास के सभी अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाए। साथ ही इस इलाके में अतिक्रमण न हो इसके लिए भी प्रभावी कदम उठाए। कोर्ट ने कहा कि डल में आने वाले पानी और इसके उत्सर्जन पर एक रिपोर्ट 17 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर पेश की जाए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने सरकार को नोटिस जारी कर पीडीपी के युवा नेता वहीद उर रहमान पारा द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के खिलाफ दायर माफी याचिका में देरी पर 30 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एनआईए अधिनियम के तहत जमानत आवेदन की अस्वीकृति के खिलाफ एक अपील क जा सकती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........