पार्टी के संभागीय स्तर के प्रमुख नेताओं के इस्तीफे के बाद जम्मू और सांबा में पार्टी के कई नेताओं ने साथ छोड़ा है। इसे देखते हुए अन्य जिलों में पार्टी कैडर को रोकने के लिए डॉ. फारूक खुद दौरे कर रहे हैं।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के पूर्व संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा, पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया और अन्य कई नेताओं के इस्तीफे के बाद जम्मू संभाग में पार्टी को बिखरने से बचाने के लिए डैमेज कंट्रोल की कमान डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने खुद संभाली है। वह जम्मू संभाग के दौरे पर हैं और विभिन्न जिलों में पहुंचकर पार्टी को एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं।
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आगामी दिनों में उनका राजोरी, कालाकोट, सुंदरबनी, मेंढर, पुंछ, सुरनकोट में पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलना प्रस्तावित है। उनका यह दौरा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी देखा जा रहा है। रामबन दौरे के बाद शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में नेकां प्रमुख ने पार्टी के जिला, ब्लॉक प्रधानों के अलावा वरिष्ठ नेताओं से पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कहा कि आज कुछ लोग जम्मू जम्मू-जम्मू की बात कर रहे हैं, जबकि नेकां नेतृत्व शुरू से ही जम्मू-कश्मीर के लिए खड़ा रहा है। कश्मीर के साथ जम्मू को भी समान हक प्रदान किया गया।
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पार्टी के संभागीय स्तर के प्रमुख नेताओं के इस्तीफे के बाद जम्मू और सांबा में पार्टी के कई नेताओं ने साथ छोड़ा है। इसे देखते हुए अन्य जिलों में पार्टी कैडर को रोकने के लिए डॉ. फारूक खुद दौरे कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में नेकां बेहतर प्रदर्शन करेगी। प्रांत स्तर पर विभाजन की राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी।
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