नेकां(नेशनल कांफ्रेंस) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मेंढर के बाद मंडी में कार्यकर्ताओं को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी। पार्टी के कई बड़े नेताओं के पार्टी को छोड़ने से खफा नेकां अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे सौ लोगों से दस ईमानदार लोग बेहतर हैं। इसके लिए उन्होंने अपने पिता शेख अब्दुल्ला की बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिन में हमारे साथ और रात को कहीं और होने वाले लोगों से पार्टी कार्यकर्ता सावधान रहें।
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सोमवार को मंडी में डॉ. फारूक ने अपने भाषण में कहा कि आज जम्मू में हालात सही नहीं हैं। जम्मू में हर क्षेत्र में आरएसएस के एजेंट मौजूद हैं। जो लोगों को इधर-उधर की बातें बता रहे हैं। हाल ही में नेशनल कांफ्रेंस छोड़कर गए लोगों का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि हमें पार्टी के लिए ईमानदार बन कर काम करना होगा। दल बदलने वाले पहले भी होते थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे, लेकिन हमें पार्टी के लिए ईमानदारी रखने वालों को बढ़ावा देना होगा। जो लोग पार्टी के लिए जी जान से जुटे हैं। उन्हें आगे आने का मौका ही नहीं मिलता है। जो लोग यहां वहां घूमते हैं, वह सबसे आगे हो जाते हैं। मेरे पिता कहते थे कि ऐसे सौ लोगों से दस लोग अच्छे हैं जो पार्टी के लिए ईमानदार हैं।
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पुंछ के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन मेंढर में भी फारूक अब्दुल्ला इसी प्रकार भावुक होकर पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी में बने रहने और ईमानदारी से काम करने की नसीहत दे चुके हैं। जम्मू के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, सुरजीत सिंह सलाथिया सहित कई नेता पार्टी छोड़ के अन्य पार्टियों का दामन थाम चुके हैं। जिले में भी कई लोग नेकां को अलविदा कर चुके हैं।