सर्वे एवं लैंड रिकार्ड्स श्रीनगर के क्षेत्रीय निदेशक व जेकेएस अधिकारी मोहम्मद कासिम वानी को भी बर्खास्त किया गया है। कुपवाड़ा में आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने घटिया सामग्री ऊंचे दामों पर खरीदी। इस मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। 2020 में सरकार ने अभियोजन की संस्तुति की और एसीबी ने उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। वानी ने अपनी पत्नी के नाम पर काफी संपत्ति खरीद रखी है।
एआरआई एंड ट्रेनिंग विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी नूर आलम को भ्रष्टाचार मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई। सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए उसने संपत्ति बनाई। 2019 में उसके खिलाफ एसीबी ने मुकदमा दर्ज करते हुए चार संपत्तियां अटैच कीं। इसमें जम्मू में एक मकान, अलग-अलग स्थानों पर 10 मरला जमीन, तीन कनाल जमीन और 10 मरला जमीन को भी अटैच किया। इन संपत्तियों के अलावा उसने अपनी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों के नाम कई संपत्तियां बनाई। व्यावसायिक वाहनों समेत कई वाहन भी खरीदे।
केएएस अफसर मोहम्मद मुजीब-उर-रहमान घासी को सहकारिता विभाग में तैनाती के दौरान 223 करोड़ का ऋण अस्तित्व में न रहने वाले सहकारिता समिति को देने के आरोप में बर्खास्त किया गया। वह वर्तमान में निलंबित चल रहे थे। सूत्रों के अनुसार सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई है।