आरएस पुरा। सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुलने पर सोमवार को पहले दिन काफी कम संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। अधिकतर अभिभावकों ने कहा कि वैक्सीन नहीं लग पाने के चलते उन्होंने अपने बच्चों को अभी स्कूल में भेजना बेहतर नहीं समझा।
पंच रुचि डोगरा, नीलम शर्मा, मनमोहन कुमार का कहना है कि इन दिनों 18 वर्ष से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है, लेकिन बनाए गए केंद्रों में अधिक भीड़ के चलते अधिकतर बच्चो को वैक्सीन नहीं लग पा रही। प्रशासन को चाहिए कि वह बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल में ही वैक्सीन लगाए जाने की व्यवस्था कराए ताकि बच्चे स्कूल में पहुंच सुचारु रूप से शिक्षा ग्रहण कर सकें। कस्बे के आशू शर्मा ने कहा कि सरकार को सबसे पहले 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके चलते विद्यार्थियों को अभिभावक अभी स्कूल नहीं भेजना चाहते। सई के सरकारी हायर सकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में भी अधिकतर लोगों को वैक्सीन नहीं लग पाई, जिसके चलते पहले दिन काफी कम विद्यार्थी स्कूल में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगाए जाने के लिए हर पंचायत में व्यवस्था की जाए।
परगवाल में पहले दिन स्कूल नहीं पहुंचे बच्चे
परगवाल। करीब सात माह बाद मंगलवार से 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खोले जाने के फैसले के बावजूद परगवाल के हायर सेकेंडरी स्कूल में पहले दिन कोई भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा। हालांकि इससे पहले 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए मंगलवार से स्कूल खोले जाने को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा रही। कुछ अभिभावकों का कहना था कि वह बिना टीकाकरण के कैसे बच्चों को स्कूल भेजें। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे क्या करें। हालांकि सरकार ने स्कूल पहुंचने वाले बच्चों के लिए कुछ नियम और निर्देश जारी किए हैं। उसके बावजूद अभिभावकों में बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संवाद