जम्मू। सभी विश्वविद्यालयों में प्रचलित साहित्य का अब अन्य भारतीय भाषाओं में भी अनुवाद करना होगा। विवि अनुदान आयोग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में बताया गया कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत शिक्षा मंत्रालय की अध्यक्षता में इस साल 31 अगस्त को हुई बैठक में भारत की कई योेजनाओं में से इंटीग्रेशन 75 भारतीय भाषाओं में प्रचलित साहित्य का अनुवाद करने और उसके लिए योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है। नई शिक्षा नीति, 2020 शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर जोर देती है। प्रचलित साहित्य का अनुवाद होने के बाद छात्रों को मातृभाषा समझने में आसानी हो सकेगी।
विवि अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के वीसी को आदेश जारी किया गया है कि प्रचलित साहित्य का भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए समय सीमा के साथ योजना तैयार करें। यह पहल छात्रों को उनकी मातृभाषा में सीखने में सक्षम बना सकेगी। कार्य योजना का विवरण आयोग की साइट पर 20 नवंबर तक साझा करने के निर्देश जारी किए हैं।