जम्मू। अकादमिक नियमों का पालन करने और ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया जाए, ताकि छात्रों के समग्र विकास में मदद मिल सके। इससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में भाग लेने में सक्षम होंगे। यह बात स्कास्ट-जम्मू के कृषि संकाय के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की 17वीं बैठक में निदेशक शिक्षा प्रो. राकेश नंदा ने कही।
बैठक का एजेंडा डॉ. प्रशांत बख्शी ने प्रस्तुत किया। इसमें मत्स्य पालन इकाई का मत्स्य विभाग में उन्नयन, मत्स्य विज्ञान के परास्नातक का संस्थानीकरण, पीजी और पीएचडी कार्यक्रम के लिए आईसीएआर के सामान्य नियमों को लागू करने, पात्रता मानदंड में परिवर्तन शामिल मसलों को रखा।
इसमें फारेस्टरी(वानिकी) में परास्नातक कार्यक्रम में प्रवेश के लिए विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों के नए पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम में संशोधन, एमएससी में प्रवेश के लिए पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देेेने पर मंथन किया गया। अकादमिक नियमों का पालन करने और ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया जो छात्रों के समग्र विकास में मदद करे। इससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में भाग लेने में सक्षम होंगे।
स्कास्ट जम्मू ब्रॉड सब्जेक्ट मैटर एरिया कमेटी के पाठ्यक्रम को अपनाने वाला पहली यूनिवर्सिटी है। प्रो. राकेश नंदा ने भी सभी संकाय सदस्यों को स्कूस्ट-जम्मू की अकादमिक उत्कृष्टता में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करने और कोई कसर नहीं छोड़ने की सलाह दी। इस मौके पर डॉ सतीश कुमार और राकेश शर्मा मौजूद रहे।