जम्मू। जम्मू संभाग के सरकारी स्कूलों में 20 और कश्मीर संभाग के स्कूलों में 30 फीसदी तक नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पहल की है। इस पहल के तहत शिक्षक घर-घर, गांव-गांव जाकर लोगों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं। समर और विंटर जोन के स्कूलों में विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें रैली, नुक्कड़ नाटक, संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली शिक्षा गुणवत्ता, शैक्षणिक और खेल गतिविधियां के बारे में बताया जा रहा है।
प्रदेश में प्राइमरी स्तर के स्कूलों में नामांकन में काफी गिरावट आई है। मुख्य सचिव ने विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान बच्चों के स्कूल छोड़ने की बढ़ती संख्या (ड्रॉप ऑउट रेट) पर चिंता व्यक्त की थी। इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटेटिवनेस की ओर से जारी फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरसी इंडेक्स में प्रदेश में प्राइमरी स्तर का ड्रापऑउट 55.68 फीसदी और जीईआर 16.15 फीसदी तक बताया है। इसे देखते हुए विभाग ने आओ स्कूल चले अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें इलाके के लोग, पंच-सरपंच सहित अन्य हितधारकों को शामिल किया जाता है। स्कूली बच्चों के साथ जागरूकता रैली निकाली जा रही है, जिसमें लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जम्मू संभाग के जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी, डोडा, रामबन, किश्तवाड़ सहित अन्य जिलों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
जम्मू संभाग में 20 और कश्मीर संभाग में 30 फीसदी तक नामांकन में बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षक घर-घर और गांव-गांव जाकर लोगों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं में लगातार वृद्धि की जा रही है, जिसके अच्छे परिणाम मिलने वाले हैं।
-बीके सिंह, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग