जम्मू-कश्मीर सरकार प्रदेश के लोगों के लिए जल्द ई-वाहन नीति लाने जा रही है। परिवहन विभाग ई-वाहन नीति को तैयार कर रहा है। अप्रैल में इसके लागू होने की संभावना है। नई नीति बनने से प्रदेश में ई-वाहनों का प्रचलन बढ़ेगा और लोग ई-वाहनों की खरीदारी के प्रति अपना रुझान दिखाएंगे। प्रदेश सरकार ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही पंजीकरण शुल्क माफ कर रखा है।
जम्मू-कश्मीर सहित देश भर में ई-वाहनों का चलन बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ने भी ई-वाहन शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा जम्मू शहर में ई-रिक्शा भी दौड़ रहे हैं। हालांकि सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा नहीं होना ई-वाहनों की खरीद में कमी का बड़ा कारण भी है।
परिवहन विभाग अब नई ई-वाहन नीति को तैयार कर रहा है। इसमें ई-वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ, सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य सुविधाओं का प्रावधान किया जा रहा है। परिवहन विभाग के एक उच्च अधिकारी ने कहा कि नए वित्त वर्ष शुरू होने से पहले तक ई-वाहन नीति लागू हो जाएगी।
सरकार ने ई-वाहनों के पंजीकरण पर 100 फीसदी छूट दी है। नीति में ई-वाहनों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए कई तरह की पहल की गई हैं, जिससे प्रदेश में ई-वाहनों का चलन बढ़ेगा। उन्होंने कहा, सरकार इस योजना के तहत नए ई-वाहन भी खरीद रही है।
इससे पहले जेकेआरटीसी में 40 इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। इसके लिए जम्मू और श्रीनगर शहर में एक-एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बन रहा है, जबकि एक-एक और अतिरिक्त बनेगा।
जम्मू-कश्मीर में ई-वाहनों के परिचालन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन प्रदूषण पैदा कर रहे हैं। बैटरी चलित ई-वाहनों से प्रदूषण नहीं होगा। इससे स्वच्छ हवा मिलेगी, जिससे लोगों का स्वास्थ्य सही रहेगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर भी रोक लगेगी।
सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए और भी कई कदम उठा रही है। परिवहन विभाग ने जम्मू और श्रीनगर शहर में 15 साल पुरानी बसों को बदलकर नई बसें देने की भी पहल भी शुरू की है। ट्रांसपोर्ट सब्सिडी स्कीम के तहत पुराने व्यावसायिक वाहनों को बदलकर नए वाहन दिए जा रहे हैं।