फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोयला संकट: जम्मू-कश्मीर में भी लग सकते हैं बिजली कट, दो सप्ताह के बाद आ सकती है परेशानी

Tue, 12 Oct 2021 07:23 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

उत्पादन के लिहाज से जम्मू-कश्मीर बिजली सरप्लस प्रदेश है, लेकिन ज्यादातर परियोजनाएं एनएचपीसी की हैं, जहां से बिजली दूसरे राज्यों में सप्लाई होती है। 
विज्ञापन
कोयला - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश भर में चल रहे कोयला संकट के कारण अब आने वाले 15 दिनों के बाद लोगों को एक से दो घंटे के कट सहने पड़ सकते हैं। उत्पादन के लिहाज से जम्मू-कश्मीर बिजली सरप्लस प्रदेश है, लेकिन ज्यादातर परियोजनाएं एनएचपीसी की हैं, जहां से बिजली दूसरे राज्यों में सप्लाई होती है। प्रदेश की घरेलू खपत के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र से बिजली खरीदती है और इसमें से कुछ बिजली कोयले से चलने वाले थर्मल प्रोजेक्टों से सप्लाई होती है।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- सियासी रण: नेशनल कांफ्रेंस का बिखराव भाजपा के लिए वरदान, खेवनहार बनेंगे राणा और सलाथिया? यहां मिलेगा फायदा?
विज्ञापन


विद्युत विकास निगम के प्रबंध निदेशक गुरमीत सिंह ने कहा कि कोयला संकट आने पर कुछ कटौती करनी पड़ी थी, लेकिन केंद्र से पत्राचार करने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई है। वर्तमान में कोई समस्या नहीं है। हालांकि आने वाले दो सप्ताह में जैसे ही बिजली उत्पादन के आंकड़े गिरेंगे तो प्रदेश में बिजली कटौती करनी पड़ सकती है। इसके लिए केंद्र के समक्ष मामले को उठाया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि जरूरत के अनुसार बिजली की आपूर्ति होती रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें