चार दिन पहले भद्रवाह-डोडा मार्ग पर गिरीं पस्सियां बुधवार को भी हटाई नहीं जा सकीं। तीन दिन से यह मार्ग पूरी तरह से बंद है। इसके चलते लोगों को नाले से होकर गुजरना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि सेनाई के समीप भारी मात्रा में पस्सियां गिरी हैं। ग्रेफ की मशीनरी काम में तेजी से जुटी है। बताया जाता है कि इसके पहले इतनी भारी मात्रा में पस्सियां कभी नहीं गिरीं। लोगों को डोडा जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जान जोखिम में डालकर नाला पर कर आगे का सफर तय करना पड़ रहा है। वाहन पकड़ने के लिए लोगों को तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। ग्रेफ के अधिकारियों का कहना है कि पस्सियां हटाने का काम तेजी से जारी है।
जंगलात विभाग के कर्मचारी पस्सियां गिरने से तकरीबन ढाई सौ देवदार के पेड़ गिर गए हैं। वन विभाग ने नाले पर लकड़ी डाल दी है, जिससे ही लोग नाले को पार कर रहे हैं, लेकिन यह काफी जोखिम भरा है।
डोडा मार्ग बंद होने पर पैंथर्स पार्टी के जिला प्रधान नीरज मन्हास ने कहा कि लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राशन की किल्लत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बनी बसोहली मार्ग से यहां तक राशन आदि को भेजा जाना चाहिए।