रामबन। जवाहर टनल पर चल रहे पुनर्वास कार्य की समीक्षा के लिए मुख्य अभियंता परियोजना बीकॉन ब्रिगेडियर आईके जग्गी ने शुक्रवार को इसका दौरा किया।
कश्मीर के गेट वे के रूप में जानी जाने वाली जवाहर टनल में मुख्य अभियंता ने कहा कि नवनिर्मित बनिहाल-काजीगुंड टनल से यातायात सुचारू होने के बाद मौजूदा जवाहर टनल के आधुनिकीकरण और सुरक्षा सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने कार्य स्वीकृत किया गया था, और काम एक निजी कंपनी बीसीसी को सौंपा गया।
उन्होंने कहा कि जवाहर टनल में पिछला पुनर्वास कार्य 1997 में किया गया था। जवाहर सुरंग की स्थिरता पर कोई समस्या नहीं है, लेकिन इसके आधुनिकीकरण की सुरक्षा सुविधाओं में सुधार की सख्त जरूरत है। ठेकेदार कंपनी के प्रबंधक ने कहा कि जवाहर सुरंग के पुनर्वास कार्य को एक साल के भीतर काम पूरा करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि कंपनी को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डिजाइन लाइनिंग फुटपाथ, सड़क की सतह के काम और इसकी सुरक्षा सुविधाओं में सुधार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें मैनलेस मॉनिटरिंग, अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम, वेंटिलेशन सिस्टम, लाइटिंग इंटेलिजेंट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और कई अन्य संबद्ध कार्य शामिल हैं। कंपनी यह कार्य 35बीआरटीएफ की देखरेख में कर रही है।