- पुराने पाइप लीक होने से कम प्रेशर से पहुंचता है नलों में पानी
- जलशक्ति विभाग का दावा : अमृत-2 चरण में बदले जाएंगे तमाम शहर में पाइप
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने पर 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मिशन अमृत-2 के तहत यह राशि मंजूर हुई है। इससे शहर में पेयजल सुधार के कार्याें को तेजी मिलेगी। पुराने पाइप लीक होने से कम प्रेशर से नलों में पानी पहुंचता है। जलशक्ति विभाग का दावा है कि अमृत-2 चरण में पूरे शहर में पाइप बदले जाएंगे।
मौजूदा हालत यह है कि पुराने शहर के पंजतीर्थी, पीरखो, जैन बाजार, लखदाता बाजार, रिहाड़ी, तालाब तिल्लो, भगवती नगर, राजपुरा चुंगी, राजपुरा, कासिम नगर, शेख नगर, बठिंडी, सुजवां, नरवाल, सिद्धड़ा, मझीन सहित कई इलाकों में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। इन इलाकों में पाइप बिछाने का काम आधा ही हुआ है। गर्मी में पानी की डिमांड बढ़ जाने पर अकसर प्रदर्शन कर समाधान की मांग लोग करते हैं। वर्ष 2020 से 2021 तक विभाग के पास बजट का संकट रहा है। इस कारण भी काम नहीं हो पाया। शहर में कासिम नगर, शेख नगर, बठिंडी, सिद्धड़ा, दुर्गा नगर सहित कई इलाकों में दूसरे तो कभी तीसरे दिन पानी मिल रहा है। लोगों को टंकियों में पानी स्टोर करना पड़ता है।
शहरभर में पुराने पेयजल पाइपों को बदलने का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अमृत-2 चरण से शहर में काम शुरू होंगे। वर्ष 2022 में प्रति वार्ड पांच लाख तो 2023 में दस लाख रुपये प्रति वार्ड पाइप बदलने के लिए बजट मिला। सर्वाधिक काम वर्ष 2024 से लेकर दिसंबर 2025 तक हुआ। मौजूदा समय में काम 50 फीसदी तक पूरा हो पाया है।
शेष काम करवाया जाए पूरा : पूर्व पार्षद
वार्ड-19 के पूर्व पार्षद अमित गुप्ता ने कहा कि वार्ड में 40 फीसदी ही पाइप बदले गए हैं। अधिकतर जगहों पर पानी की किल्लत है। दिसंबर, जनवरी जबकि अप्रैल से लेकर अगस्त तक पानी का संकट रहता है। पुराने पाइपों को हटाकर बड़े साइज के पाइप बिछाने की मांग है।
वार्ड-28 के पूर्व पार्षद गौरव चोपड़ा ने कहा कि वार्ड में 70 फीसदी काम हो चुका है। काफी हद तक सुधार हुआ है। पहले पानी नलों तक नहीं पहुंच पाता था। वार्ड-55 के पूर्व पार्षद प्रीतम सिंह ने कहा कि काफी सुधार हुआ है मगर काम पूरा होना चाहिए। शेष बचे काम को जल्द पूरा किया जाए। 60 फीसदी काम हुआ है। इसी तरह वार्ड-74 के पूर्व पार्षद शौकत अली ने बताया कि शहर में ग्रामीण इलाकों को मिलाया गया। पानी की समस्या दूर करने के लिए बजट का संकट रहा है। अभी तक 30 फीसदी काम ही हुआ है। इसी तरह वार्ड-75 के पूर्व पार्षद घार सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 से लेकर अब तक संघर्ष जारी है। ग्रामीण इलाके शहर में आए यहां पर काम के लिए बजट पर्याप्त नहीं मिला। 40 फीसदी तक ही काम पूरा हुआ है।
पाइप बदलने का पूरा काम होगा, तभी मिलेगी राहत
बस स्टैंड पर दुकान करने वाले राजन गुप्ता ने बताया कि पेयजल किल्लत है। इससे यात्री भी परेशान होते हैं। पुराने पाइपों को बदलने पर काम समय पर पूरा किया जाए। पुराने शहर के मोती बाजार से चंदन गुप्ता ने बताया कि काफी काम हुआ है। पहले हालत यह होती थी कि गर्मी आते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। टैंकर अंतिम विकल्प होता था। शहर में पाइप बदलने पर काम प्राथमिकता के आधार पर हो। वार्ड-48 से शाम लाल बस्सन और वार्ड-71 से शामा अख्तर ने कहा कि काफी सुधार हुआ है लेकिन शत-प्रतिशत काम पूरा हो। इससे पेयजल किल्लत का हल होगा।
कब कितना मिला बजट
- 2019 से लेकर 2021 तक कोई बजट नहीं मिला
- 2022 में पांच लाख रुपये प्रति वार्ड
- 2023 में दस लाख रुपये प्रति वार्ड
- 2024 से लेकर दिसंबर 2025 तक 50 लाख रुपये प्रति वार्ड खर्च हुए
- अब अमृत-2 चरण से 200 करोड़ रुपये होंगे खर्च
शहर में 50 फीसदी तक काम पूरा कर लिया गया है। अमृत-2 चरण में भी काम शुरू हो रहा है। काम पूरा होने के बाद पेयजल किल्लत का समाधान होगा।
- तेजिंद्र सिंह, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग