जम्मू संभाग के कठुआ जिले में डेंगू के प्रकोप के बीच रविवार को केंद्रीय टीम ने गोविंदसर, सीटीएम और वार्ड छह का दौरा किया। इन इलाकों से ही सबसे अधिक डेंगू के अबतक मामले आए हैं। टीम ने डेंगू के लगातार फैलने के कारणों की जांच की। लोगों को मौके पर ही कारण बताए गए। साथ ही एहतियात बरतने की हिदायत भी दी गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गांव में अनियमित पेयजल सप्लाई के बीच ग्रामीणों की ओर से ड्रम आदि में स्टोर कर रखा गया पानी डेंगू के पनपने का कारण बन रहा है। इसके चलते लगातार मच्छर का लारवा तैयार हो रहा है।
रविवार को गोविंदसर गांव में पहुंचे डॉ. मुनीष, डॉ. शाजिया और दो अन्य सदस्यों के साथ स्टेट मलेरिया लॉजिस्टिक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गांव के वरिष्ठ लोगों के साथ बात की। उन्होंने ग्रामीणों को डेंगू से बचने के उपाय बताए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक चौधरी ने बताया कि केंद्र से आए विशेषज्ञों ने गांव में वेक्टर की जांच के दौरान लारवा और पनप रहे एडीज एजिप्टी मच्छर के सैंपल भी पकड़कर दिखाए हैं।
बताया कि गोविंदसर गांव क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र से सटा है। यहां पेयजल की नियमित सप्लाई का स्त्रोत नहीं है। ऐसे में अधिकतर घरों में पानी के ड्रम और बाल्टियां भरी पाई गई हैं। जिससे लगातार मच्छर को पनपने की जगह मिल रही है।