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कामेश्वर मंदिर स्थापित हो आदर्श संस्कृत महाविद्यालय

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जम्मू/अखनूर। श्रीकैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने श्री कामेश्वर मंदिर अखनूर के महंत महामंडलेश्वर 1008 रामेश्वर दास महाराज से मुलाकात की। इस दौरान नाग देवताओं की महिमा पुस्तक भेंट की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में संस्कृत संस्थाओं की कमी के कारण छात्रों को पर्याप्त अवसर और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसमें अखनूर, खौड़, ज्यौड़ियां व छंब आदि दूरदराज इलाकों के विद्यार्थी संस्कृत का अध्ययन करने से वंचित हैं। इसका कारण संस्कृत विद्यालय की कमी है। इसलिए प्राचीन श्री कामेश्वर मंदिर अखनूर में आदर्श संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना होनी चाहिए।
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सनद रहे कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली, जो कि संस्कृत भाषा के लिए शिक्षा मंत्रालय की नोडल एजेंसी है। इसके उद्देश्यों में राष्ट्रीय स्तरीय संस्कृत विद्यालयों/गुरुकुलों/पाठशालाओं को मान्यता एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना सम्मलित है। इसके तहत मान्यता प्राप्त आदर्श संस्कृत महाविद्यालय की समस्त वित्तीय आवश्यकताओं की आपूर्त्ति का 95 प्रतिशत इसी के द्वारा अनुदानित होता है। विश्वविद्यालय से संबद्ध वित्तपोषित आदर्श संस्कृत महाविद्यालय बिहार में पांच, उत्तरप्रदेश में तीन, हिमालय प्रदेश में दो, पश्चिम बंगाल में दो, हरियाणा में दो, तमिलनाडु में दो, मणिपुर में दो और अन्यों में एक-एक हैं। विचारणीय है कि जम्मू-कश्मीर में अब तक एक भी संस्कृत संस्था को वित्तपोषित का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। श्री कामेश्वर मंदिर अखनूर में भवन बना हुआ है। इसलिए यहां आदर्श संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना होनी चाहिए। महंत ने इस संबंध में जल्द ही मानव संसाधन मंत्रालय से चर्चा करने का आश्वासन दिया है।
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