जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में नए बदलाव के साथ निवेशक जम्मू-कश्मीर में निवेश का रास्ता तलाश रहे हैं। उद्यमियों के चार दिवसीय कार्यक्रम पर उपराज्यपाल ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। निवेश को लेकर जल्द ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी। जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश होगा।
वहीं, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रतिनिधिमंडल को प्रमुख अवसरों और विकास क्षेत्रों को उजागर करके उद्योग व पर्यटन में नए निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य बना रहा है। प्रतिनिधिमंडल पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश अवसरों का पता लगाने के लिए पहलगाम और गुलमर्ग के प्रसिद्ध पहाड़ी रिसॉर्ट का दौरा करेगा।
कारीगरों के साथ होगी बैठकें
जम्मू-कश्मीर में आयात-निर्यात से जुड़े लोगों और स्टार्ट अप्स के साथ कुटीर व रेशम उद्योग, उत्पाद प्रदर्शन व कारीगरों की बैठकें होंगी। यह कार्यक्रम निर्यात प्रोत्साहन और उद्यम के अनुकूल माहौल के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा बनाने की दिशा में सरकार द्वारा की गई पहल के अनुरूप है।
प्रतिनिधिमंडल में 30 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ
श्रीनगर में चार दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले खाड़ी देशों के प्रतिनिधिमंडल में 30 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ शामिल हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेंचुरी फाइनेंशियल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाल कृष्ण कर रहे हैं। इसमें सऊदी अरब समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इससे पूर्व जनवरी माह में उप राज्यपाल के दुबई दौरे में लुलु समूह, अल माया ग्रुप, माटू इनवेस्टमेंट्स एलएलसी, जीएल इंप्लायमेंट ब्रोक्रेज एंड नून ग्रुप समेत कई अन्य के साथ एमओयू हुआ था। इनमें सेंचुरी फाइनेंशियल के साथ 100 मिलियन डॉलर का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित भी शामिल है।
चौबीसों घंटे बिजली मिलेगी, 6603 घरों में स्मार्ट मीटर सेवा शुरू
जम्मू-कश्मीर में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की पहल हो गई है। जम्मू शहर में बिजली के चार फीडरों से जुड़े 6,603 घरों में स्मार्ट मीटर सेवा सोमवार को शुरू कर दी गई। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे महत्वपूर्ण पहल करार देकर कहा कि जम्मू की तरह ही कश्मीर में भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
जम्मू स्थित कन्वेंशन सेंटर में एक कार्यक्रम के दौरान उप राज्यपाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति की सुविधा देंगे। इससे एक तरफ बिजली चोरी रुकेगी, वहीं दूसरी ओर व्यर्थ खर्च होने वाली बिजली की भी बचत होगी। एलजी ने कहा कि आने वाले दिनों में स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड सुविधा मिलेगी। इसमें बिजली विभाग के उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का प्रीपेड करवा सकेंगे। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को ज्यादा गरमी के सीजन में व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिजली की फिजूलखर्ची रोकने और जवाबदेही तय करने से बिजली तंत्र में व्यापक सुधार होगा।
डेढ़ साल में व्यवस्था को उपभोक्ता अनुकूल बनाया
एलजी ने कहा कि पिछले सात दशक में बिजली आपूर्ति तंत्र को दुरुस्त करने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया, जबकि पिछले डेढ़ वर्ष में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को उपभोक्ता अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया गया है।