श्रीनगर में डेलीवेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने मौजूदा सरकार के कई दिग्गजों पर एक बार फिर निशाना साधा है। अध्यक्ष ने कहा कि नेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए हजारों कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा दिया है। उन्होंने अपनी मांगों को मनवाने के लिए न्यायालय का सहारा लेने की चेतावनी दी है।
पिछले कई वर्षों से अपने हक की लड़ाई सड़कों पर उतरकर लड़ने वाले हजारों डेलीवेज कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों से तंग आकर अब न्यायालय का सहारा लेने की ठान ली है। मंगलवार को श्रीनगर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डेलीवेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सज्जाद पररे ने मौजूदा सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने मौजूदा गठबंधन सरकार में हिस्सेदार नेशनल कांफ्रेंस के दो दिग्गजों पर अपने स्वार्थ के चलते हजारों डेलीवेज कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। सज्जाद के अनुसार यह दिग्गज जानबूझ कर डेलीवेज कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया में रोड़ा अटका रहे हैं क्योंकि उनकी यह मांग है कि इस सूची में उनके कई समर्थकों को भी शामिल किया जाए।
डेलीवेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष के अनुसार, राज्य सरकार बार बार इन कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है। सज्जाद ने यह भी कहा कि कैबिनेट सब-कमेटी द्वारा इसकी मंजूरी भी दी गई है लेकिन कैबिनेट द्वारा इस पर मोहर नहीं लगाई जा रही है, जिसको लेकर कर्मचारियों में काफी निराशा है।
उन्होंने कहा कि कई जिलों में गैर कानूनी तौर पर कई लोगों को नौकरियां प्रदान की गई हैं जिनकी सूची जल्द हम सार्वजनिक करेंगे। गौरतलब है कि राज्य में करीब 60,000 डेलीवेज कर्मचारी हैं।