राजोरी जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है। मंगलवार को शहर के डाकबंगले में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन कर चुनाव के बारे में विचार विमर्श किया गया। जिला चुनाव अधिकारी एवं डीसी राजोरी जितेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसएसपी डा. हसीब मुगल, एएसपी जितेंद्र सिंह, एडीसी सलीम मलिक, डीएसपी हेडक्वार्टर हमीद चौधरी, एएसपी नौशेरा और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिला चुनाव अधिकारी ने आचार संहिता को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी नेता को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
जिला चुनाव अधिकारी ने बैठक में उपस्थित विभिन्न क्षेत्रों के डीएसपी और पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथों की जानकारी मुहैया करवाएं।
ताकि चुनाव से पहले ही उन बूथों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जा सकें। इसके साथ ही यह भी निर्देश जारी किए गए कि किसी भी सियासी नेता या कार्यकर्ता को कोई भी सरकारी भवन का प्रयाग नहीं करने दिया जाए। यदि कोई नेता सरकारी भवन का प्रयोग करना चाहता है तो उसे जिला चुनाव अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
जहां कहीं भी सियासी नेता, विधायक या मंत्रियों के बैनर या पोस्टर लगे हुए हैं, उन्हें जल्द उतारे जाने का निर्देश देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी विज्ञापन में किसी नेता के फोटो लगाने पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा।
वहीं यदि कोई सियासी पार्टी अपने उम्मीदवार का पोस्टर या बैनर किसी व्यक्ति के निजी भवन पर लगाना चाहती है तो पार्टी को ऐसा करने से पहले व्यक्ति से लिखित में ली गई अनुमति को चुनाव अधिकारी को दिखाना होगा। आचार संहिता के लागू होने के साथ ही विकास के किसी भी नए कार्य को शुरू नहीं किया जाएगा।
वहीं उन्होंने यह निर्देश भी जारी किए कि जो भी नेता अपने पोस्टर या बैनर छपवाएगा, उस पर छापने वाले का नाम पता और फोन नंबर होना अनिवार्य है। यदि किसी नेता को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।