आईएस के झंडे जलाने के बाद शहर में बने तनाव के चलते बुधवार को दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। पूरे शहर में सेना, सीआरपीएफ और पुलिस का कड़ा पहरा रहा। लोग घरों में कैद रहे। सुबह हालांकि, कर्फ्यू में दो घंटे की ढील दी गई थी।
डीआईजी राजोरी-पुंछ एके अत्री ने बताया कि हालात सामान्य होने लगे हैं, लेकिन पुराने राजोरी में कर्फ्यू सख्ती से लागू है। दोनों समुदाय के प्रतिनिधि मामले का समाधान निकालने के लिए बातचीत को तैयार हो गए हैं।
शहर के गुज्जरमंडी चौक, मुख्य बाजार सिटी चौक, अब्दुल्ला पुल, पांजा चौक पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। बाजार में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सेना तथा अन्य सुरक्षा बलों की ओर से विभिन्न मुहल्लों, बाजारों तथा सड़कों पर चौकसी बरती गई।
किसी प्रकार की अप्रिय घटना की खबर नहीं है। उधर, राजोरी की घटना के विरोध में बुधवार को घाटी में जेकेएलएफ तथा अवामी इत्तेहाद पार्टी ने प्रदर्शन किया। बुधवार को राजोरी में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिससे व्हाट्स एप तथा अन्य सोशल साइट्स बंद रहे।