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बीएसएफ की ओर से सुबह चार बजे चढ़ाई जाएगी चादर

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रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाबा चामलयाल की दरगाह पर बीएसएफ की तरफ से बनाया गया गेट।
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सांबा/ रामगढ़। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा दलीप सिंह मन्हास की दरगाह जिसे बाबा चमलियाल के नाम से जाना जाता है। यहां बुधवार को दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही।
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वीरवार सुबह चार बजे बीएसएफ की ओर से बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी, जबकि स्थानीय दग छन्नी फतवाल के युवा क्लब की ओर से सुबह सात बजे चादर चढ़ाई जाने की रस्म अदा की जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाबा की मजार पर माथा टेकने वालों में काफी उत्साह देखा गया। उधमपुर से आई महिला रंजना ने बताया कि वह हर वर्ष बाबा की मजार पर माथा टेकने आ रही हैं। दो वर्ष से कोरोना के चलते वह भी दरगाह तक नहीं पहुंच सकीं, अब सारे परिवार के साथ पहुंची हैं। आज माथा टेका है, वीरवार को मजार पर मन्नत मांग कर लौटेेंगी।
वहीं शक्कर शर्बत भी साथ लेकर जाएंगी। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने चमलियाल में पहुंच कर मेले के प्रबंधन की जानकारी ली। वहीं भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनाव का खामियाजा पाकिस्तान में बाबा के श्रद्धालुओं को भी भुगतना पड़ा। क्योंकि चार वर्ष से उन्हें शक्कर शर्बत नहीं मिली है।
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पांच सौ मीटर पहले खड़े होंगे वाहन
बाबा चमलियाल मेले को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग नंदपुर, जेरडा, सामदू, रामगढ़, स्वांखा, छावनी, अबताल आदि मार्गों पर विशेष यातायात नियम लागू रहेंगे। सभी मार्ग पर एक तरफा यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। इससे मार्ग जाम की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। चमलियाल मजार को जोड़ने वाले इन मार्गों पर पुलिस के साथ यातायात कर्मियों के नाके लगेंगे। बाबा के प्रमुख प्रवेशद्वार मजार से पांच सौ मीटर पीछे ही श्रद्धालुओं के वाहनों को रोका जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
बीएसएफ जवानों ने की तैयारियां पूरी
रामगढ़। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाबा चमलियाल की दरगाह पर बीएसएफ की पोस्ट पर भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह पोस्ट चमलियाल के नाम से जानी जाती है। मेले वाले दिन बीएसएफ के बड़े-बडे़ अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य मेला देखने आते हैं। कुछ वर्ष पहले मेला बीएसएफ के जवानों द्वारा सजाया जाता था। बाबा चमलियाल मेला आयोजन में बीएसएफ का अहम रोल होता था। पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक शक्कर शर्बत पहुंचाना बीएसएफ के जवानों का काम होता था। अभी ये सारा काम जिला प्रशासन की देखरेख में किया जा रहा है। संवाद
बारिश ने झूले और रेड़ी फड़ी वालों की परेशानी बढ़ाई
रामगढ़। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाबा चमलियाल की दरगाह पर वीरवार (आज) सजेगा मेला। वहीं मंगलवार सुबह हुई बारिश ने मेले की रौनक बढ़ाने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे झूले लगाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रेहड़ी फड़ी वालों की रेहड़ियां या ऑटो खेतों में ही फंसे रहे। वहीं समान बेचने वालों ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि हमें समान पहुंचाने में मुश्किल हो रही हैं। पहले बारिश मेले वाले दिन या दूसरे दिन होती थी। संवाद
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