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इस बार सजेगा राम दरबार, रामलीला की तैयारी में जुटे कलाकार

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जम्मू। शहर में इस बार नवरात्र पर रामलीला का मंचन किया जाएगा, जिसमें कलाकार संवादों से विभिन्न प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास करेंगे। पिछले साल कोविड के कारण रामलीला का मंचन नहीं हो पाया था। इस वर्ष नौ दिन तक विभिन्न स्थानों पर रामलीला के मंचन का निर्णय लिया गया है।
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प्रसिद्ध दीवान मंदिर में रामलीला मंचन के लिए तैयारियां जारी हैं। सोमवार से कलाकारों ने रिहर्सल करना भी शुरू कर दिया है। सात अक्तूबर से प्रतिदिन रामलीला मंचन किया जाएगा। परेड स्थित दीवान मंदिर और पंजतीर्थी स्थित बिल्लू मंदिर की रामलीला विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। दीवान मंदिर में सनातन धर्म नाटक समाज की ओर से आयोजन किया जाता है।
इस बार आयोजकों ने कोविड एसओपी का पालन करते हुए मंचन की तैयारी की है। सभा के महासचिव सतपाल ने कहा कि सोमवार को रिहर्सल शुरू की है। नवरात्र के नौ दिन मंदिर में रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही सैनिक कॉलोनी में भी रामलीला के मंचन की तैयारी चल रही है।
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सैनिक कॉलोनी में रामा राम मंदिर कांप्लेक्स में श्री रामलीला क्लब सामाजिक एव सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए रिहर्सल शुरू हो गई है। अन्य क्षेत्रों में भी तैयारियां जारी हैं। पंजतीर्थी स्थित बिल्लू मंदिर में इस बार रामलीला का मंचन नहीं किया जा रहा है।
सात अक्तूबर से नवरात्रि,
साख लगने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:34 से 10:34 मिनट तक रहेगा
जम्मू। आश्विन शरद नवरात्र सात अक्तूबर को बुधवार से शुरू हो रहे है। इसी दिन कलश स्थापना, ज्योति प्रज्वलन कर मां दुर्गा की साख लगाई जाएगी। साख लगने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:34 से 10 :34 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:53 से दोपहर 12:39 मिनट तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में भक्त कलश स्थापना, ज्योति प्रज्वलन तथा देवी दुर्गा की साख लगा सकते हैं।
इस बार दुर्गाष्टमी 13 अक्टूबर और महानवमी 14 अक्टूबर वीरवार को है, जबकि 15 अक्तूबर को दशहरा मनाया जाएगा। महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि इस वर्ष सात अक्तूबर से शरद नवरात्र का आरंभ वीरवार के दिन हो रहा है। ऐसे में देवी भागवत पुराण के कहे श्लोक के अनुसार दुर्गा का वाहन डोली होगी। ऐसे में डोली पर आने से मनुष्य और पशुओं में बीमारी होने का संकेत है। किसी रोग और महामारी का प्रकोप बढ़ सकता है। पृथ्वी के किसी हिस्सों में बड़ी राजनीतिक हलचल होगी। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में जन धन की हानि होने की आशंका रहेगी।
मां भगवती के नौ रूप
नवरात्र में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री देवी की पूजा की जाती है। इन दिनों भगवती दुर्गा का पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ स्वयं या विद्वान या पंडित से करवाना चाहिए।
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