जम्मू। साइबर पुलिस जम्मू ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना समेत आठ शातिरों को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन माध्यम से धोखाधड़ी कर लोगों की कमाई लूट रहा था। इसके लिए ये लोग जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कर लोगों को सामान खरीदने के लिए आकर्षित करते थे।
जानकारी के अनुसार साइबर पुलिस थाना जम्मू में संजीव कुमार निवासी 26 मॉल अपार्टमेंट रोड नई दिल्ली ने शिकायत दी थी। आरोप लगाया गया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे संपर्क कर खुद को सीआईएसएफ का अधिकारी बताया और गुवाहाटी (असम) में कार्यरत होने की बात कही। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बिक्री के लिए घरेलू सामान की कुछ तस्वीरों के साथ वर्दी में अपनी तस्वीरें भेजकर संपर्क विवरण पोस्ट किया।
वस्तुओं को खरीदने में रुचि के बाद शिकायतकर्ता ने जालसाजों से संपर्क किया और नकदी जमा करवाई, लेकिन सामान नहीं मिला। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
जांच के दौरान पाया गया कि उक्त शातिर जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल ऑनलाइन प्लेटफार्म पर करके सामान खरीदने के लिए लोगों को प्रभावित रहे थे। लेनदेन की भी जांच की गई, विज्ञापन के पंजीकरण विवरण प्राप्त किए गए और इसके बाद आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया। बाद में पता चला कि ये लोग राजस्थान के अलवर शहर के अलग-अलग इलाकों में रहकर धोखाधड़ी कर रहे हैं।
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डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने की कार्रवाई
जम्मू पुलिस ने राजस्थान के अलवर में आरोपियों की धरपकड़ के लिए डीएसपी प्रियंका के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विक्रम शर्मा और जाविद की टीम को प्रतिनियुक्त किया। स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई। इसके बाद मुख्य सरगना समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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ये हैं आरोपी
पकड़े गए आरोपियों में मौसम खान, अरिश खान, मनीष खान, सोकेत खान, इरफान खान, मुस्ताक खान और दीन खान निवासी ककराली गांव लिा अलवर (राजस्थान) के रहने वाले हैं। जबकि आसिफ खान निवासी गढ़ी मेवात जिला भरतपुर (राजस्थान) का रहने वाला है। अन्य मामलों में शामिल आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।
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ठगी से बचें लोग : साइबर पुलिस
साइबर पुलिस जम्मू ने लोगों से अपील की है कि अपने बैंक खाते से संबंधित कोई भी ओटीपी, यूपीआई पिन किसी भी व्यक्ति से साझा न करे। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अनुचित मूल्य वाले उत्पादों की पेशकश करने वाले सस्ते ऑनलाइन ऑफर से भ्रमित न हों। धोखाधड़ी से बचने के लिए पुलिस सहायता लें।