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आज देश की सीमाएं सुरक्षित, हम घुसकर मारते हैं: एलजी

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जम्मू/गाजीपुर। पूरे देश में आज सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान और सबका विश्वास गूंज रहा है। आज देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। अब हम पीछे नहीं हटते बल्कि घुसकर मारते हैं। यह बात शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने महामना पं मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कही।
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उप राज्यपाल ने कहा कि भविष्य में जब भी कोई विकास पर विचार करेगा तो संज्ञान में आएगा कि आधुनिक भारत के निर्माण की प्रक्रिया यहीं से प्रारंभ होती है। पहले यहां कोई सक्षम पुरुष ड्राइविंग सीट पर नहीं बैठा जिससे देश को जहां पहुंचना चाहिए था वहां नहीं पहुंच सका। आठ वर्षों से जिस तरह से देश के भौतिक संसाधनों की समृद्धि में पैसा खर्च हो रहा है उस आधार पर दो-चार वर्षों में देश की सीमाएं सुरक्षित तो होंगी ही, हमारे पास संसाधन भी होंगे।
उन्होंने कहा कि महामना ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान स्थापित किया है। जिससे उन्हें महामना की उपाधि मिली। वहीं आधुनिक भारत के निर्माण का अद्भुत काम वाजपेयी के नेतृत्व में शुरू हुआ। वह काम बीच में थम गया था। उस नींव पर 2014 के बाद भव्य इमारत खड़ा करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।
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2004 के बाद वाजपेयी सत्ता में होते तो इतिहास कुछ और होता
नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी 2004 के बाद भी सत्ता में रहते तो शायद हिंदुस्तान का सामाजिक, आर्थिकएवं राजनीतिक इतिहास कुछ और होता। और वहअपने तमाम अधूरे स्वप्नों को वास्तविक स्वरूप दे पाते। भारतीय राजनीति को नया क्रांतिकारी मोड़ होता। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जीवन पर्यंत भारतीय राजनीति में अजातशत्रु की भूमिका निभाने वाले अटल जी महान थे। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलकर देश में पहली बार अटल जी ने भय-मुक्त, भ्रष्टाचार-मुक्त, भूख-मुक्तलोककल्याण की व्यवस्था स्थापित की। उनकी जन्म-जयंती 25 दिसंबर को गुड गवर्नेंस डे के रूप में मनानाउनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। वह एक ऐसा योद्धा थे जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों को समानता और सभीको एक समान अवसर की ना सिर्फ पुरजोर वकालत की बल्कि विकेंद्रीकृत अर्थव्यवस्था कोबढ़ावा देने पर खास जोर दिया।
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