जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अपने स्तर पर जुगाड़ लगाकर बिना पंजीकृत हुए वैक्सीन की डोज ले ली है। कोविड महामारी को देखते हुए आगामी समय में वैक्सीन का प्रमाणपत्र अहम होने वाला है। इसमें सरकारी और निजी कार्यालयों, संस्थानों आदि जगह पर इसे अनिवार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए यह प्रमाणपत्र जरूरी है। लेकिन बिना पंजीकृत हुए वैक्सीन लेने वाले लोगों के पास आधिकारिक तौर पर कोई प्रमाणपत्र नहीं होगा।