बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। तीन आरोपियों की पहचान की गई है। क्राइम ब्रांच ने एक को दबोच लिया है। जबकि दो अभी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी पर इस तरह के पहले से आठ मामले दर्ज हैं। सात साल पहले इस मामले की क्राइम ब्रांच के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी।
मामले में जांच चल रही थी और बुधवार को क्राइम ब्रांच ने जम्मू से बारामुला कश्मीर के पट्टन के रहने वाले मंजूर हुसैन कादरी को दबोच लिया। रमन कतरू नाम के व्यक्ति ने 2013 में क्राइम ब्रांच के पास शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके साथ और अन्य युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई है। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। बुधवार को क्राइम ब्रांच ने जम्मू से मंजूर हुसैन को दबोचा।
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जांच में यह भी पाया गया कि मंजूर हुसैन ने अपने सहयोगी मुश्ताक अहमद गेनेई निवासी कुलगाम और फयाज अहमद डार निवासी पट्टन के साथ मिलकर ठगी की। जानकारी के अनुसार 2013 में रमन कतरू आरोपी फयाज के संपर्क में आया था। फयाज ने कहा कि उसकी सरकारी विभागों में काफी जान पहचान है। वह नौकरी दिला सकता है। इसके लिए फयाज ने साढ़े चार लाख रुपये मांगे। बदले में उसने रमन कतरू को वन विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। रमन ने यह पैसे पत्नी के गहने बेचकर दिए थे।
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