फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए 165 किमी लंबी सीमा पर फसल काटना चुनौती

Sun, 02 Oct 2016 01:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
इंडो पाक बॉर्डर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पैदा हुए तनाव से सबसे ज्यादा सीमांत इलाके के किसान चिंतित हैं। सीमांत इलाकों में लगी धान और मक्की की फसल काटना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। कुछ इलाकों में फसल तैयार है। कुछ इलाकों में अगले पंद्रह दिन में तैयार हो जाएगी।
विज्ञापन


हजारों हेक्टेयर एरिया ऐसा है, जो बार्डर के अधीन आता है। लखनपुर से लेकर पुंछ के मंडी तक किसान भयभीत हैं। अक्सर फसल पकने और लगाने के समय तनाव की स्थिति बन जाती है। 

जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग में 165 किलोमीटर लंबी एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर तारबंदी है। इंटरनेशनल बार्डर के तीन जिलों जम्मू, सांबा और कठुआ में 30 हजार हेक्टेयर पर धान की फसल खड़ी है। कुछ जगह धान पक चुकी हैं, कुछ में अगले पंद्रह दिन में पक जाएगी। 
विज्ञापन

 
Trending Videos
विज्ञापन

जीरो लाइन पर भी है फसल, किसान ज्यादा चिंतित

खेतों में तैयार होने को है फसल - फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा चिंतित वे किसान हैं, जिनकी फसल जीरो लाइन के साथ है। जीरो लाइन से एक किलोमीटर के बाद फेंसिंग लगाई गई है। इस एक किलोमीटर के दायरे में करीब दस हजार हेक्टेयर पर मक्की और धान की फसल खड़ी है। जिसे काटना किसानों के लिए चिंता का सबब बना है।

कारण यह है कि किसान अपनी मर्जी से अपने खेतों में जा भी नहीं सकते, क्योंकि इस क्षेत्र में आने-जाने का समय सुरक्षा बल निर्धारित करता है। इसी तरह से राजोरी और पुंछ जिलों में एलओसी के पास करीब 20 हजार हेक्टेयर पर मक्की लगी है। मक्की पक चुकी है और कुछ ही दिन में इसकी कटाई होनी है।

गांव बासपुर के चौधरी देव राज का कहना है कि सीमा पर हालात बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन की तरफ से घर छोड़ने के लिए बोला गया है, लेकिन अपनी खड़ी फसल को छोड़ कर कहीं नहीं जाएंगे।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें