जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने 6 अगस्त 2020 को भाजपा सरपंच सरपंच सजाद अहमद की गोलीमारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय वह अपने घर के बाहर थे। इससे पहले जुलाई2020 में भाजपा के बांदीपोरा जिलाध्यक्ष और उनके दो परिजनों की हत्या कर दी गई थी। वहीं इस घटना के एक माह पूर्व आठ जून को अनंतनाग में कांग्रेस नेता और सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी गई थी।
यह बेहद दुखद घटना है। आतंकी अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होंगे। हमले के लिए जो भी जिम्मेवार, उन्हें न्याय की प्रक्रिया का सामना करना ही होगा।
- मनोज सिन्हा, एलजी जम्मू-कश्मीर
त्राल के निगम पार्षद पर प्राणघाती हमले की खबर से झटका लगा है। कश्मीर घाटी में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र कायम न होने देने वालों का यह अमानवीय कृत्य है। शोकजदा परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।
-केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
भाजपा नेता की गोली मार कर हत्या की खबर सदमा देने वाली है। इस तरह की हिंसा केवल जम्मू-कश्मीर का दर्द बढ़ाने वाली है। पीड़ित परिवार के प्रति मैं गहरी संवेदनाएं प्रकट करती हूं। ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति दे।
- महबूबा मुफ्ती, पूर्व सीएम
राकेश पंडिता नब्बे के दशक से घाटी में आतंकवाद और अलगाववाद की चुनौती के बीच डटे हुए थे। इस हत्या ने पाकिस्तानी मंसूबों को फिर दर्शा दिया है। वारदात को अंजाम देने वाले आतंकियों को चुन-चुन को ढेर किया जाएगा।
- रवींद्र रैना, अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर भाजपा
इस तरह की हत्याएं दर्शाती हैं कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के नस्लीय खात्मे की साजिशें लगातार जारी हैं, लेकिन कश्मीरी पंडित घाटी में वापसी करने से पीछे नहीं हटेंगे। हम कश्मीर के हैं और कश्मीर हमारा है।
- अश्वनी चुरंगू, भाजपा व कश्मीरी पंडित नेता
भाजपा के कश्मीरी पंडित नेता की हत्या से जम्मू में भी शोक की लहर है। आतंकी हमले में मारे गए राकेश पंडिता मूल रूप से त्राल के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में उनका परिवार जम्मू में है। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि राकेश पंडिता की पार्थिव देह वीरवार को जम्मू लाई जाएगी। उनका अंतिम संस्कार भी जम्मू में ही किया जाएगा। उधर, कश्मीरी पंडित समुदाय में दहशत और रोष की लहर है।
कश्मीरी पंडित समुदाय से कई लोग विभिन्न सियासी दलों से जुड़कर घाटी में सक्रिय हैं। इससे पूर्व भी कई कश्मीरी पंडित नेताओं की हत्या हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर भाजपा के राजनीतिक मामले और फीडबैक प्रभारी अश्वनी चुरंगू ने बताया कि राकेश पंडिता की पार्थिव देह वीरवार को जम्मू लाए जाने की सूचना है। उन्होंने कहा कि राकेश पंडिता के पास निजी सुरक्षा थी, लेकिन वे किन्हीं कारणों से बिना सुरक्षा के चले गए, जिससे आतंकियों को मौका मिल गया। उन्होंने कहा कि ऐसी वारदातों से दहशत और रोष जरूर है लेकिन कश्मीरी पंडित घाटी वापसी से पीछे नहीं हटेंगे।